बगावत करने वाले 57 जवानों को सज़ा

बांग्लादेश
Image caption कई अदालतों में मुक़दमे चल रहे हैं

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में पिछले साल हुए सैनिक विद्रोह के लिए पचास से भी अधिक लोगों को क़ैद की सज़ा सुनाई गई है.

एक विशेष अदालत ने 57 सुरक्षा गार्डों को चार महीने से लेकर सात साल तक की क़ैद की सज़ा सुनाई है.

बांग्लादेश राइफ़ल्स (बीडीआर) सीमा बल के इस विद्रोह में 70 से अधिक लोग मारे गए थे जिनमें 57 अधिकारी भी शामिल थे. उनके इस विद्रोह के कारण देश गृह-युद्ध की कगार पर पहुंच गया था.

विद्रोह के दौरान हज़ारों की संख्या में बांग्लादेशी सीमा सुरक्षा सैनिकों ने अपने मुख्यालय पर क़ब्ज़ा कर लिया था. यह मुख्यालय ढाका शहर के बीच में स्थित है.

बाद में यह विद्रोह 12 अन्य शहरों में भी फैल गया था.

इस सिलसिले में सीमा सुरक्षा बल के 3500 जवानों के ख़िलाफ़ देश के विभिन्न हिस्सों में मुक़दमा चल रहा है.

इससे पहले इसी महीने सुरक्षा बल के 29 जवानों को विद्रोह में हिस्सा लेने के लिए क़ैद की सज़ा सुनाई गई थी.

जिन 57 लोगों को रविवार को सज़ा सुनाई गई है उन्होंने फ़ेनी के दक्षिण-उत्तरी शहर में हुई बग़ावत में भाग लिया.

जितने लोगों पर आरोप लगे थे उनमें से सिर्फ़ पांच को ही बरी किया गया है.

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