पाक में लड़कियों पर तेज़ाब फेंका गया

  • 30 अप्रैल 2010
सायरा
Image caption दो सप्ताह पहले भी दालबदीन में दो महिलाओं पर तेज़ाब फेंकने की घटना घटी थी.

पाकिस्तान में बलूचिस्तान प्रांत के शहर क़लात में दो अज्ञात लोग तीन लड़कियों के चेहरों पर तेज़ाब फेंक कर फ़रार हो गए.

क़लात पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि गुरुवार की शाम को शहर के केंद्र में मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात लोगों ने आठ वर्षीय साएमा, 14 वर्षीय शकीला और 20 वर्षीय फ़ातिमा के चेहरों पर तेज़ाब फेंके.

पुलिस के अनुसार तीनों लड़कियाँ घर का सामान लेने बाज़ार गईं थीं और जब लौट रही थीं तो रास्ते में उन पर हमला किया गया.

तेज़ाब से लड़िकयों के चहरे बुरी तरह जल गए हैं और उन्हें क़लात के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

पुलिस ने बताया कि अब तक घटना के कारणों का पता नहीं चल सका है.

अब तक गिरफ़्तारी नहीं

पुलिस ने अज्ञात लोगों के ख़िलाफ मुक़दमा दर्ज कर लिया है. इस मामले में अब तक किसी की गिरफ़्तारी नहीं हो सकी है और न ही किसी गुट या संगठन ने इस घटना की ज़िम्मेदारी ली है.

Image caption बरतन न मांजने को लेकर मंज़ूर अतीक़ा पर फेंका गया तेज़ाब गया था

बीबीसी के बलूचिस्तान संवाददाता अयूब तरीन ने बताया कि करीब दो सप्ताह पहले बलूचिस्तान के शहर दालबदीन में भी कुछ अज्ञात लोगों ने दो महिलाओं के ऊपर तेज़ाब फेंका था.

इस घटना की ज़िम्मेदारी 'बलोच ग़ैरतमंद' नामक एक संस्था ने ली थी. इस संस्था ने चेतावनी दी थी कि महिलाएं न केवल पर्दे का इस्तेमाल करें बल्कि किसी पुरुष के बग़ैर घर से बाहर न निकलें.

इस घटना ने बलूचिस्तान की उन महिलाओं में डर पैदा कर दिया है जो काम के सिलसिले में अपने घरों से बाहर निकलती हैं.

बलूचिस्तान के सभी राजनीतिक दलों ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है और इसे बलोच परंपरा के ख़िलाफ क़रार दिया है और हमलावरों की गिरफ़्तारी की मांग की है.

पाकिस्तान में महिलाओं के साथ बड़े पैमाने पर हिंसा होती है, हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर इसका कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं हैं कि कितनी महिलाएं तेज़ाब फेंके जाने जैसे हमलों का शिकार बनती हैं.

लेकिन महिलाओं के अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था का अनुमान है कि हर साल कोई 150 महिलाओं को ऐसे हमले झेलने पड़ते हैं.

'औरत फ़ाउंडेशन' के अनुसार पिछले साल पाकिस्तान के समाचार पत्रों में महिलाओं पर हिंसा के करीब सात हज़ार मामले सामने आए जिन में सबसे अधिक पंजाब और सिंध प्रांत में हुए.

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