उम्मीद से बढ़कर प्रगति

  • 30 अप्रैल 2010
शाह महमूद क़ुरैशी
Image caption क़ुरैशी ने बातचीत के बारे में जानकारी दी

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा है कि सार्क शिखर सम्मेलन के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच संपर्क की बहाली की दिशा में आशा से बढ़ कर प्रगति हुई है.

भूटान के शहर थिम्पू से लौटते ही शुक्रवार को उन्होंने अपने कार्यालय में पत्रकारों को आमंत्रित किया और सार्क शिखर सम्मेलन सहित दोनों देशों के बीच संपर्क की बहाली पर विचार दिए.

उन्होंने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा, "जब वहाँ हम पहुँचे तो उस समय अंदाज़ा ही नहीं था कि शांति प्रक्रिया शुरू करने के लिए दोनों देश इतने गंभीर हैं."

उन्होंने आगे बताया, "यक़ीन मानिए यह उचित दिशा की ओर एक क़दम है. यह एक ठोस प्रगति है और हम इसको ओर भी मज़बूत करेंगे."

संबंध

विदेश मंत्री ने सार्क शिखर सम्मेलन के अवसर प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी और मनमोहन सिंह के बीच हुई मुलाक़ात की पत्रकारों को विस्तार से जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि दोनों देशों के प्रधानमंत्री शांति प्रक्रिया फिर से शुरू करने के लिए सहमत हैं और चाहते हैं कि दोनों देशों के बीच संबंध और मज़बूत हों.

क़ुरैशी ने कहा, "पहले भारत का तर्क था कि बातचीत केवल आतंकवाद पर ही केंद्रित हो लेकिन अब यह तय पाया है कि इस बार सभी मुद्दों पर बातचीत की जाएगी साथ ही आतंकवाद के ख़ात्मे के लिए दोनों देशों के बीच एक प्रणाली मौजूद है जिस पर काम किया जाएगा."

उन्होंने कहा कि यह भी तय हुआ है कि दोनों विदेश मंत्री और विदेश सचिव जल्द मुलाक़ात करेंगे और इस संदर्भ में वे 7 मई के बाद अपने समकक्ष एसएम कृष्णा से संपर्क करेंगे और बातचीत के लिए कोई समयसीमा तय की जाएगी.

जब उनसे पूछा गया कि बातचीत वहीं से शुरू होगी जहाँ से टूटी थी या फिर से शुरू की जाएगी, तो इस पर उन्होंने कहा, "जब आप पाँचवीं कक्षा से निकल कर छठी में दाख़िला लेंगे तो हम आप को पहली कक्षा में क्यों भेजें. हमें तो छठी से सातवीं की ओर जाना है तो पहली पर क्यों जाएँ."

पानी विवाद

पानी के मुद्दे और भारत की ओर से पानी चोरी के आरोप पर पूछे गए एक सवाल पर विदेश मंत्री ने कहा, "पाकिस्तान तक 104 मिलियन एकड़ फ़ीट पानी पहुँच रहा है 70 मिलियन एकड़ फ़ीट पानी इस्तेमाल हो रहा है. मुझे बताइए कि 34 मिलियन एकड़ फ़ीट कहाँ जा रहा है?"

Image caption सार्क सम्मेलन के दौरान गिलानी-मनमोहन मुलाक़ात हुई

भारत की ओर से पानी चोरी के आरोप का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, "क्या भारत हमारा पानी चोरी कर रहा है? नहीं ऐसा नहीं हो रहा है और कृपया अपने आप को बेवकूफ न बनाएँ. हमारे देश में पानी का कुप्रबंध है और इसे ठीक करने की ज़रूरत है."

विदेश मंत्री ने कहा कि अब समय आ गया है कि दोनों देशों को आरोप-प्रत्यारोप का खेल बंद करना चाहिए. उन्होंने कहा, "मैंने दोनों नेतृत्व से कहा कि अगर कोई अप्रिय घटना होती है तो उस पर आरोप-प्रत्यारोप करने के बजाए सहयोग करना चहिए."

उन्होंने बताया कि पाकिस्तान से संबंधों को लेकर भारत के भीतर सोच में बड़ा बदलाव आया है जिसकी प्रशंसा करनी ज़रूरी है.

शाह महमूद क़ुरैशी ने बताया कि भारत में अब लोगों का मानना है कि संपर्क की बहाली ही दोनों देशों के बीच एक मात्र विकल्प है.

विदेश मंत्री ने पत्राकारों को सार्क शिखर सम्मेलन में हुए फ़ैसलों से भी अवगत कराया.

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