नेपाल में माओवादियों का विरोध प्रदर्शन

प्रदर्शन

नेपाल में सरकार का विरोध कर रहे हज़ारों माओवादी मई दिवस के मौक़े पर प्रदर्शन करने के लिए राजधानी काठमांड़ू में जमा हुए हैं.

पिछले साल सेनाध्यक्ष को हटाने के मुद्दे पर सत्ता से बाहर हुई कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ नेपाल (माओवादी) के हज़ारों सदस्य और माओवादी संगठन की उग्र युवा शाखा यंग कम्युनिस्ट लीग के सदस्य कुछ दिनों से राजधानी में डेरा जमाए बैठे हैं.

माओवादी माँग कर रहे हैं कि संसद में सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते उनके नेतृत्व में नए प्रशासन का गठन होना चाहिए. उन्होंने चेतावनी भी दी है कि यदि उनकी माँग मानी नहीं जाती तो रविवार दो मई से देश भर में अनिश्चितकालीन हड़ताल बुलाई जाएगी.

इस समय नेपाल में 22 विभिन्न दलों का गठबंधन सत्ता में है जो माओवादियों को सरकार में तो लेने को तैयार है लेकिन सरकार का नेतृत्व उनके हाथ में हो, इससे सहमत नहीं है.

उधर समाचार एजेंसी रॉयटर्स के साथ बातचीत में एक माओवादी नेता नारायण काजी श्रेष्ठ ने कहा, "ये प्रदर्शन राष्ट्रीय सर्वसम्मति के आधार पर नई सरकार के गठन के लिए हो रहे हैं. संसद में हमारी पार्टी सबसे अधिक संख्या में है इसलिए हमें सरकार का नेतृत्व करने देना चाहिए."

'हिंसा से गुरेज़'

समाचार एजेंसी एएफ़पी के साथ बातचीत में माओवादी नेता प्रचंड ने कहा, "हम अपने सदस्यों को प्रशिक्षण दे रहे हैं ताकि वे प्रदर्शन के दौरान भीड़ पर काबू रख सकें. लेकिन हमारा विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण होगा. हम हिंसा का इस्तेमाल नहीं करेंगे."

काठमांडू के पुलिस महानिरीक्षक केदार धाकार ने एक समाचार एजेंसी को बताया है, "काठमांडू में लगभग 40 हज़ार माओवादी समर्थक पिछले तीन दिन में जमा हो गए हैं. हमनें भी अनेक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है. हम सतर्क हैं और उम्मीद यही करते हैं कि हमें बल का प्रयोग नहीं करना पड़ेगा."

ग़ौरतलब है कि नेपाल में सांसदों को 28 मई की समयसीमा तक नए संविधान को शक्ल देनी है.

प्रदर्शनकारी लाल रंग की वेशभूषा पहने लाल झंडे लिए हुए, लाठियों से लैस हैं.

पर्यवेक्षकों का मानना है कि राजशाही के अंत के बाद राजनीतिक दलों में जो सर्वसम्मति नज़र आ रही थी, राजनीतिक दलों के ही बीच अब टकराव की स्थिति में बदलने लगी है.

संबंधित समाचार