नेपाली प्रधानमंत्री के इस्तीफ़े की मांग

  • 2 मई 2010
माओवादी प्रदर्शन काठमांडू
Image caption नेपाल की राजधानी काठमांडू में माओवादियों ने प्रधानमंत्री के विरुद्ध लाख़ों की संख्यामें प्रदर्शन किया

नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी युनाईटेड माओवादी-लेनिनवादी (यूएमएल) के कई महत्वपूर्ण नेताओं ने नेपाल के प्रधानमंत्री माधव कुमार के इस्तीफ़े की माँग की है.

यूएमएल के उपाध्यक्ष बामदेव गौतम ने बीबीसी को बताया कि पार्टी के लगभाग 60 नेताओं ने प्रधानमंत्री के इस्तीफ़े की मांग की है.

हालांकि सूत्रों के मुताबिक़ यूएमएल के आध्यक्ष झाला नाथ खनाल ने कहा है कि वे इस्तेफ़े के लिए दबाव नहीं बनाएंगे और इसके लिए जो प्रचलित पद्धति है उसके अनुसार ही इस्तीफ़ा लिया जा सकता है.

बाबूराम भट्टराई से बातचीत

बामदेव ने यह भी संकेत दिया है कि पार्टी में ही लोग इस मामले पर एक मत नहीं हैं.

उधर नेपाल के प्रधानमंत्री ने राजधानी कठमांडू में माओवादियों के प्रदर्शन के बावजूद पद से हटने से इनकार कर दिया है.

उन्होंने ने अपने एक टीवी भाषण में एक लाख से भी अधिक प्रदर्शनकारियों से बात-चीत के ज़रिए मामले के हल पर ज़ोर दिया है.

माओवादी नेपाली संसद में सबसे बड़ी पार्टी है और वह राष्ट्रीय एकता वाली सरकार का नेतृत्व करना चाहती है.

जनहित के ख़िलाफ़

माओवादी नेताओं का कहना है कि वो राजधानी काठमांडू में सड़कों की घेराबंदी कर रहे हैं और केवल एंबुलेंस, कूड़ा इकट्ठा करने वाले वाहनों और पत्रकारों को आने-जाने देंगे.

उन्होंने घोषणा की है कि इस नाकेबंदी में दो घंटे की छूट दी जाएगी ताकि लोग खाने पीने का सामान ख़रीद सकें.

नेपाल के प्रधानमंत्री ने कहा, "मैं माओवादियों से अपील करता हूँ कि वे आम हड़ताल की अपील वापस ले लें. देश को पूरी तरह बंद करना समस्या का समाधान नहीं."

उन्होंने आरोप लगाया कि उनके विरोधी सरकार गिराना चाहते हैं.

शनिवार को एक रैली में माओवादी नेता प्रचंड ने कहा, "हम ये फ़ैसला करने पर मजबूर हुए हैं क्योंकि सरकार न तो शांति प्रक्रिया को लेकर गंभीर है और न ही संविधान बनाने को लेकर."

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