मुंबई फ़ैसले पर जमात-उद-दावा

अजमल कसाब
Image caption अजमल कसाब को सभी 86 मामलों में दोषी पाया गया है

मुंबई की एक अदालत की ओर से मुंबई हमलों के लिए अजमल आमिर क़साब को दोषी क़रार देने के फ़ैसले पर पाकिस्तान से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आ रही है.

प्रतिबंधित संगठन जमात-उद-दावा के प्रवक्ता याहया मुजाहिद ने बीबीसी ने बात करते हुए अदालत की ओर से जमात के प्रमुख हाफ़िज़ सईद पर लगाए गए सभी आरोपों को निराधार क़रार दिया.

उन्होंने कहा, “मुंबई की अदालत में जो सभी आरोप लगाए गए हैं वो जब हाफिज़ सईद नज़रबंद थे तब पाकिस्तान को भी दिए गए थे. जब इन आरोपों को यहाँ की अदालत के समक्ष रखा गया तो उस ने स्पष्ट रूप से कहा कि हाफिज़ सईद और ज़की-उर-रहमान लखवी का मुंबई हमलों से संबंध नहीं है.”

उन्होंने आगे कहा, “हाफिज़ साहब की ओर से कई बार कहा गया है कि उन्होंने मुंबई के हमलावरों की मदद नहीं की थी और ना ही वे इस साज़िश में शामिल थे.”

याहया मुजाहिद ने बताया, “फ़हीम अंसारी और सबाउद्दीन को बरी करने से साबित होता है कि यह मामला भारत के भीतर का है और भारतीय सरकार को अपने सुरक्षा तंत्र पर विचार करना चाहिए.”

दोषी

ग़ौरतलब है कि मुंबई की एक अदालत ने 26 नवंबर 2008 को हुए मुंबई हमले के मामले में पाकिस्तानी नागरिक अजमल आमिर क़साब को दोषी करार दिया है.

कथित तौर पर उनका साथ देने वाले भारतीय नागरिकों फ़हीम अंसारी और सबाउद्दीन को संदेह का लाभ देकर सभी मामलों में बरी कर दिया गया है.

क़साब को सभी 86 आरोपों में दोषी पाया गया जिनमें हत्या और देश के खिलाफ़ साज़िश रचने जैसे मामले शामिल हैं. न्यायमूर्ति एम तहिलयानी की अदालत ने अजमल आमिर क़साब को चरमपंथी संगठन लश्करे तैबा का सदस्य बताया.

अदालत ने कहा है कि हाफिज़ सईद, ज़की-उर-रहमान लखवी सहित 20 के करीब लोगों ने मुंबई हमलों की योजना बनाई और हमलावरों की मदद की.

लखवी

Image caption ज़की-उर-रहमान लखवी के ख़िलाफ रावलपिंडी की अदालत में मुंबई हमलों का मुक़दमा चल रहा है

ज़की-उर-रहमान लखवी के वकील ख़्वाजा सुलतान ने भी इस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

उन्होंने बीबीसी से बात करते हुए कहा, “भारत की अदालत ने जिन लोगों को बरी किया है उन्होंने ही अदालत को कहा था कि ज़की-उर-रहमान लखवी इस में शामिल थे.”

उन्होंने आगे बताया, "जब अदालत उन लोगों को ही नहीं मान रही तो जक़ी-उर-रहमान लखवी को कैसे दोषी ठहराया जा रहा है.” ख़्वाजा सुलतान के अनुसार मुंबई अदालत के फ़ैसले से कई प्रश्न उठे हैं और अदालत पहले उस का जवाब दे.

ज़की-उर-रहमान लखवी और ज़रार शाह सहित छह लोगों के ख़िलाफ रावलपिंडी की अदालत में मुंबई हमलों का मुक़दमा चल रहा है और अभियोजन पक्ष की ओर से अभियुक्तों के ख़िलाफ आरोप-पत्र भी दायर किए गए हैं.

संबंधित समाचार