जंगली सूअरों का आतंक

जंगली सूअर
Image caption इस्लामाबाद में बड़ी संख्या में सूअर रहते हैं.

पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट के परिसर में जंगली सूअरों ने वहाँ मौजूद व्यक्तियों पर हमला कर दिया जिस से सात लोग घायल हो गए.

स्थानीय पुलिस के अनुसार इस्लामाबाद प्रशासन के कुछ कर्मचारी सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति भवन से सटे इलाक़े में घास की कटाई कर थे और उसी दौरान क़रीब तीन सौ सूअर सुप्रीम कोर्ट के परिसर में दाख़िल हो गए.

घायलों में स्थानीय मीडिया के दो कर्मचारी भी शामिल हैं.

एक पुलिस अधिकारी ने बीबीसी को बताया, “पहले सूअरों ने उस स्थान पर हमला किया जहाँ निजी वीटी चैनल के कैमरामैन मौजूद थे जो सुप्रीम कोर्ट में एक मुक़दमे की सुनवाई की कवरेज कर रहे थे. हमले में दो पत्रकार घायल हो गए.”

पुलिस अधिकारी ने आगे कहा, “उस के बाद जंगली सूअरों ने वहाँ मौजूद वाहनों पर भी हमला कर दिया जिस से तीन ड्राइवर भी घायल हो गए और कुछ वाहनों को नुक़सान भी पहुँचा.”

पुलिस अधिकारी ने बताया, “सूअरों ने यहाँ पर ही बस नहीं किया बल्कि सुप्रीम कोर्ट के सामने वाले मार्ग पर दो आम लोगों को भी घायल कर दिया.”

घायलों को तुंरत करीबी अस्पलात में भर्ती करवाया गया है और डॉक्टरों का कहना है कि घायलों की स्थिति ख़तरे से बाहर है.

एक प्रत्यक्षदर्शी जमशेद हबीब ने बीबीसी को बताया, “जब जंगली सूअर विभिन्न लोगों पर हमला कर रहे थे तो उस समय पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवान मौजूद थे और उन के पास हथियार भी थे लेकिन किसी ने सूअरों को नहीं मारा.”

उन्होंने आगे कहा, “हमले के बाद सूअर रेडिया पाकिस्तान की इमारत के पास वाले इलाक़े में छिप गए हैं.”

सुप्रीम कोर्ट के वकील नईम अहमद ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश ने आग्रह किया कि वे इस मामले में अपने संज्ञान लें ताकि इस्लामाबाद प्रशासन ऐसे जानवरों से बचाव के लिए व्यवस्था करे.

ग़ौरतलब है कि प्रधानमंत्री कार्यलय, राष्ट्रपति भवन और सुप्रीम को पिछले हिस्से में वन हैं वहाँ सूअर और दूसरे जंगली जानवर भी मौजूद हैं.