तालेबान हाथ काटकर ले गए

तालेबान
Image caption तालेबान ने सरेआम चोरी के आरोप में तीन लोगों के हाथ काटे हैं.

पाकिस्तान के क़बायली इलाक़े ओरकज़ई एजेंसी में तालेबान चरमपंथियों ने चोरी के आरोप में सरेआम तीन लोगों के हाथ काट दिए.

अपने हाथ गंवाने वाले रज़ीम शाह, ख़ाइस्तन शाह और अमल ख़ान का इस समय कोहाट ज़िला अस्पताल में इलाज चल रहा है. तालेबान इन तीनों के कटे हुए हाथ अपने साथ लेकर चले गए हैं.

रज़ीम शाह ने अस्पताल से बीबीसी को फ़ोन पर बताया कि बुधवार को ग़लज़ू इलाक़े में दिन दहाड़े भरे बाज़ार में तालेबान ने उनके और उनके साथियों के हाथ काट डाले.

उनका कहना था कि 40 दिन पहले तालेबान ने उन्हें और उनके दो साथियों को एक घर से कारतूस चोरी करने के आरोप में हिरासत में ले लिया था.

समाचार एजेंसी एएफ़पी का कहना है कि कोहाट ज़िला अस्पताल के एक अधिकारी मूसा ख़ान ने घटना की पुष्टि की है और कहा कि डॉक्टर तीन लोगों की जान बचाने की कोशिश कर रहे हैं.

मुश्किलें बरक़रार

रज़ीम शाह ने कहा कि हिरासत के दौरान तीनों ने अपना दोष क़बूल कर लिया था और तालेबान को बताया था कि जिरगा (स्थानीय पंचायत) के ज़रिए उन्होंने माफ़ी भी मांग ली थी.

हालांकि इसके बाद भी तालेबान ने उन्हें नहीं बख़्शा.

रज़ीम के अनुसार हिरासत के दौरान उन्हें दो बार तालेबान की एक अदालत में क़ाज़ी के सामने पेश किया, लेकिन उन्हें अपना पक्ष रखने का बहुत अवसर नहीं दिया गया.

लेकिन अपना हाथ गँवा चुके तीनों की परेशानी अब भी ख़त्म नहीं हुई है.

रज़ीम शाह का कहना है कि जब वो ग़लज़ू से इलाज के लिए हंगू जा रहे थे तो रास्ते में पुलिस ने उनसे तीन घंटे तक पूछताछ की और अब पुलिस उनपर तालेबान के साथी होने का आरोप लगा रही है.

रज़ीम ने यह भी बताया कि फ़िलहाल उन्हें और उनके साथियों को कोहाट के मेडिको लीगल वार्ड में रखा गया और इस समय भी वे पुलिस हिरासत में हैं.

ग़ौरतलब है कि ये घटना उस समय घटी है जब पिछले एक महीने से सुरक्षाकर्मी चरमपंथियों के ख़िलाफ़ इस इलाक़े में अघोषित कार्रवाई जारी रखे हुए हैं.

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