ईरान और अमरीका में कैदियों की अदला-बदली

हैदर मोसलेही, ईरान के खुफिया मालों के मंत्री
Image caption मोसलेही के मुताबिक, उन्हें कोई शक नहीं कि हिरासत में रखे गए तीनों अमरीकी नागरिक दरअसल जासूस हैं.

ईरान ने अमरीका को सुझाव दिया है कि उसकी हिरासत में बंद तीन अमरीकी नागरिकों की रिहाई के बदले में अमरीका ईरान के कुछ क़ैदियों को छोड़ दे.

ईरान के ख़ुफ़िया मामलों के मंत्री हैदर मोसलेही ने ये सुझाव देते हुए रिहाई के लिए किसी विशेष ईरानी क़ैदी का नाम नहीं बताया.

सारा शुर्ड, शेन बोअर और जोश फट्टाल को पिछले साल जुलाई में इराक़ की सीमा से ईरान में दाख़िल होते ही हिरासत में ले लिया गया था.

इन तीनों पर जासूसी का आरोप है हालांकि इनके परिवारों का कहना है कि ये पहाड़ की चढ़ाई चढ़ते हुए रास्ता भटक गए.

मोसलेही के मुताबिक उन्हें कोई शक नहीं कि ये तीनों अमरीकी नागरिक दरअसल जासूस हैं.

हैदर मोसलेही ने कहा, "मानवाधिकारों की वकालत करनेवाले अमरीका से हम यही उम्मीद करते हैं कि अगर वो हमसे मानवतावादी पहल की अपेक्षा रखे तो खुद भी ऐसी पेशकश करे. तभी हम इस मुद्दे पर किसी नतीजे तक पहुंच पाएंगे."

'बेतुके आरोप'

मोसलेही के बयान पर अमरीकी विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा है कि दोनों देशों के बीच क़ैदियों की अदला-बदली को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई है.

प्रवक्ता ने ये भी कहा कि तीनों अमरीकी नागरिकों पर लगाए जासूसी के आरोप बेतुके हैं और उन्हें फौरन रिहा कर देना चाहिए.

ईरान ने पिछले हफ़्ते इन तीनों अमरीकी नागरिकों को इनकी माताओं से मिलने की अनुमति दी थी लेकिन इनकी रिहाई की गुहार को ठुकराता रहा है.

अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने भी इनकी रिहाई की मांग की है.

गत वर्ष सितंबर में ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदिनेजाद ने भी क़ैदियों की अदला-बदली की बात कही थी.

एक अमरीकी टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा था कि अमरीकी नागरिकों की रिहाई, इराक़ में अमरीकी सुरक्षा बलों की हिरासत में रह रहे ईरानी कूटनीतिज्ञों की रिहाई से जुड़ी हो सकती है.

इसके अलावा ईरान ने अमरीका की केन्द्रीय जांच एजेंसी सीआईए पर सऊदी अरब में तीर्थ यात्रा करने गए उनके एक परमाणु वैज्ञानिक के अपहरण का आरोप भी लगाया है.

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