नए समाधान की कोशिश में

जलवायु परिवर्तन
Image caption विकासशील देश जलवायु परिवर्तन के मसले पर ठोस समाधान चाहते हैं

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में जलवायु परिवर्तन पर सम्मेलन शुरू हो चुका है. दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन का आयोजन ग्लोबल क्लाइमेट चेंज अलायंस और यूरोपीय संघ ने मिलकर किया है.

सम्मेलन का उद्देश्य यूरोपीय संघ और विकासशील देशों के बीच एक नया गठबंधन बनाना है.

इन विकासशील देशों में वे देश शामिल हैं जो जलवायु परिवर्तन से सबसे अधिक प्रभावित हैं लेकिन इससे निपटने के लिए उनके पास काफी कम क्षमता मौजूद है.

मेजबान देश बांग्लादेश खुद ही जलवायु परिवर्तन से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में से एक है.

सर्वाधिक प्रभावित देशों को मदद

सम्मेलन में शामिल विकासशील देशों में मालदीव, कंबोडिया और यमन भी हैं. हालांकि ये देश जलवायु परिवर्तन के लिए जिम्मेदार नहीं हैं लेकिन इसके दुष्प्रभावों को सबसे ज्यादा झेल रहे हैं.

बैठक के पहले बांग्लादेश के पर्यावरण मंत्री हसन महमूद ने कहा, “इस बात पर अब सहमति बन चुकी है कि 2008 में लंदन में स्थापित कोष का संचालन विश्व बैंक के बजाय बांग्लादेश करेगा ताकि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने में बांग्लादेश को मदद मिल सके.”

पिछले साल कोपेनहेगन में हुए सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन संधि पर विश्व के नेताओं में कोई आम राय नहीं बन पाई थी.

इस असहमति के बावजूद विकासशील देश इस बात को सुनिश्चित करना चाहते हैं कि जलवायु परिवर्तन के मसले को भुलाया नहीं गया है.

सम्मेलन में इन देशों की मदद के लिए नए-नए तरीकों को इजाद किया जा रहा है. यूरोपीय संघ ने इनसे जुड़ी योजनाओं में मदद के लिए करोड़ों यूरो की धनराशि दी है.

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