ढाका में आग: मरने वालों की संख्या 116 हुई

बचाव कार्य
Image caption स्थानीय नागरिक बचाव कार्य में जुट गए

बांग्लादेश की राजधानी ढाका के घनी आबादी वाले इलाक़ों के कई मकानों में आग लगने से कम से कम 116 लोगों की मौत हुई है और सौ से अधिक लोग घायल हुए हैं.

हताहतों में महिलाएँ और बच्चे शामिल हैं.

बहुमंज़िली इमारतों में लगी इस आग में हताहतों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो सकती है क्योंकि आग में सैकड़ों लोग इमारतों के अंदर फँस गए थे.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रात कोई साढ़े दस बजे एक ट्रांसफार्मर में हुए विस्फोट के बाद ये आग लगी और तेज़ी से फैल गई.

ढाका पुलिस के प्रमुख एकेएम शाहिदुल हक़ के अनुसार तीन घंटों बाद आग पर क़ाबू पा लिया गया है और अब इमारतों में लोगों की तलाश की जा रही है.

उनका कहना है कि गैस पाइपों के लीक करने की वजह से बचाव कार्य में परेशानी हो रही है.

दुल्हन बची

उनका कहना है कि जब आग लगी तो एक इमारत की छत पर शादी की दावत चल रही थी.

हताहतों में कई मेहमान शामिल हैं. हालांकि दुल्हन इस हादसे में बच गई क्योंकि वह ब्यूटीपार्लर गई हुई थी.

बताया जा रहा है कि जिस इलाक़े में आग लगी है वहाँ इमारतें बहुत पास-पास बनी हुई हैं और सड़कें संकरी हैं जिसकी वजह से अग्निशमन और बचाव दल को वहाँ पहुँचने में दिक़्क़त का सामना करना पड़ रहा है.

अग्निशमन विभाग के प्रमुख अबू नईम का कहना है कि इस इलाक़े की कम से कम सात इमारतों में आग लगी है.

समाचार एजेंसी एएफ़पी को उन्होंने बताया, "जिन इमारतों में आग लगी है उसके भूतल पर रसायन बेचने वाली दुकानें थीं, जिसकी वजह से आग तेज़ी से फैल गई."

रहीमा बेगम, इन्ही इमारतों में से एक में रहती हैं, जिनमें आग लगी है.

उन्होंने बताया, "मैं खाना खा रही थी कि मैंने एक धमाके की आवाज़ सुनी और फिर मैंने देखा कि दो-तीन घरों में आग लग गई है."

ढाका मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल दुर्घटना स्थल से सिर्फ़ 200 मीटर की दूरी पर है.

वहाँ के डॉक्टर इमरुल हसन ने बताया कि उन्होंने ख़ुद सड़क के किनारे 45 लाशें देखी हैं.

उनका कहना है, "जिन लोगों की मौत हुई है उनमें से ज़्यादातर लोग अधिक जले नहीं हैं लेकिन लगता है कि धुएँ की वजह से उनकी मौत हुई है."

टेलीविज़न चैनल पर दिखा कि स्थानीय लोग रिक्शे से हताहतों को अस्पताल पहुँचा रहे थे.

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