'फॉनसेका को मौत की सज़ा दे सकते हैं'

  • 7 जून 2010

श्रीलंका सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर जनरल सरथ फॉनसेका ने ये कहना बंद नहीं करेंगे कि तमिल विद्रोहियों के ख़िलाफ़ युद्ध के अंतिम दिनों में उच्च अधिकारियों ने शायद युद्ध अपराधों के आदेश दिए थे तो उन्हें मौत की सज़ा दी जा सकती है.

ये बात श्रीलंका के रक्षा मंत्री जी राजपक्षे ने बीबीसी के कार्यक्रम हार्डटॉक में कही.

युद्ध ख़त्म होने के बाद से श्रीलंका के राजनीतिक हल्कों में काफ़ी उथल पुथल रही है.

तमिल विद्रोहियों के ख़िलाफ़ युद्ध के दौरान जनरल फॉन्सेका ने रक्षा मंत्री के साथ मिलकर रणनीति पर काम किया था.

लेकिन अब जी राजपक्षे ने कहा है कि जनरल फॉनसेका ने ख़ुद को गद्दार और झूठा साबित किया है.

मतभेद

विद्रोहियों के ख़िलाफ़ युद्ध समाप्त होने के बाद जनरल फॉनसेका ने सेना अध्यक्ष के पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. राष्ट्रपति चुनाव में वे विपक्ष के मुख्य उम्मीदवार थे.

चुनाव में वे हार गए थे और उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया था. भ्रष्टाचार और वर्दी में रहते हुए राजनीति करने के आरोप में वे सैन्य हिरासत में है और कोर्ट मार्शल चल रहा है.

विपक्ष में शामिल होने के बाद से ही राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे और जनरल फॉन्सेका में तरकार चल रही है.

मतभेद तब और गहरे हो गए जब जनरल फॉनसेका ने संकेत दिया कि ऐसे प्रत्यक्षदर्शी मौजूद हैं जो कहते हैं कि रक्षा मंत्री ने सेना अधिकारियों को आदेश दिए थे कि आत्मसमर्पण करने वाले तमिल विद्रोहियों को मार दिया जाए.

माना जा रहा है कि ये प्रत्यक्षदर्शी एक श्रीलंकाई पत्रकार है जो अब विदेश में छिपे हुए हैं.

जनरल फॉनसेका ने बीबीसी को एक टेलीफ़ोन इंटरव्यू में बताया है कि युद्ध के दौरान हुए कथित अत्याचारों के बारे में वे किसी भी स्वतंत्र जाँच एजेंसी के समक्ष गवाही देने के लिए तैयार हैं.

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