ड्रोन हमले में दस 'चरमपंथी' मारे गए

  • 11 जून 2010
ड्रोन के साथ सैनिक
Image caption वज़ीरिस्तान में 2010 में हुए 70 ड्रोन हमलों में कम से कम 200 लोग मारे गए हैं

पाकिस्तान के अधिकारियों का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान की सीमा से लगे उत्तरी वज़ीरिस्तान के क़बायली इलाक़े में एक ड्रोन हमले में दस संदिग्ध चरमपंथी मारे गए हैं.

अधिकारियों के अनुसार दत्ताखेल इलाक़े में एक परिसर को निशाना बनाकर दो मिसाइल हमले किए गए. ये मीरानशाह नगर से 40 किलोमीटर दूर है.

पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि मारे गए 'चरमपंथी' स्थानीय कमांडर हफ़ीज़ गुल बहादुर के गुट के सदस्य थे.

बारह घंटे में दूसरा हमला

पिछले 12 घंटों में ये उत्तरी वज़ीरिस्तान में दूसर ड्रोन यानी चालक रहित विमान द्वारा किया गया हमला है.

गुरुवार शाम को एक संदिग्ध ड्रोन से चलाई गई मिसाइल में तीन अफ़ग़ान नागरिक मारे गए थे. अधिकारियों को शक है कि ये हकीमुल्ला महसूद के तहरीक-ए-तालिबान संगठन के सदस्य थे.

वर्ष 2010 में वज़ीरिस्तान में हुए 70 ड्रोन हमलों में कम से कम 200 लोग मारे गए हैं.

अमरीकी अधिकारियों का मानना है कि उत्तरी और दक्षिणी वज़ीरिस्तान में अल क़ायदा और तालिबान लड़ाकों ने पनाह ले रखी है और इसीलिए इन क्षेत्रों को बार-बार निशाना बनाया जाता है.

पाकिस्तान सार्वजनिक तौर पर इन हमलों का विरोध कर चुका है. अमरीका आधिकारिक तौर पर इन ड्रोन हमलों की तसदीक नहीं करता है लेकिन पर्यवेक्षकों का मानना है कि उस इलाक़े में अमरीका ही एक मात्र ऐसी ताकत है जो ड्रोन उड़ा सकती है या ऐसे हमलों को अंजाम दे सकती है.

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