'आत्मनिर्भर अफ़ग़ानिस्तान'

  • 25 जून 2010
Image caption खनिज संपदा का अभी तक दोहन नहीं हुआ है

अफ़ग़ानिस्तान के खनन मंत्री का कहना है कि अगर देश की खनिज संपदा का सही तरीक़े से इस्तेमाल किया जाए तो देश पूरी तरह आत्मनिर्भर हो सकता है.

खनन मंत्री वाहिद शाहरानी इन दिनों लंदन में हैं जहाँ वे खनन कंपनियों को अफ़ग़ानिस्तान में पूंजी लगाने के लिए राज़ी करने के प्रयास कर रहे हैं.

उनका कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान के पास तीस खरब डॉलर की खनिज संपदा है जिसका दोहन बिल्कुल नहीं किया गया है.

शाहरानी का कहना है कि खनन के ज़रिए अगले दस वर्षों में अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहायता पर निर्भरता कम हो सकती है.

बीबीसी संवाददाता जिल मिकगिवरिंग का कहना है कि अफ़ग़ान खनन मंत्री अरबों डॉलर के क़रार करने के लिए लंदन में हैं जहाँ वे खनन कंपनियों के प्रमुख अधिकारियों से मिल रहे हैं.

अफ़ग़ानिस्तान के पास तेल, गैस, तांबा, सोना और लिथियम के बड़े भंडार हैं.

शहरानी का कहना है कि अगले सात वर्षों के भीतर खनन पर लगने वाले टैक्स से अफ़ग़ान सरकार को हर वर्ष एक अरब डॉलर की आय होने लगेगी.

बीबीसी को दिए गए एक इंटरव्यू में इन आरोपों का खंडन किया कि इतने बड़े पैमाने पर ठेके दिए जाने पर भ्रष्टाचार की बहुत आशंका होगी.

उन्होंने कहा, "हमने अपने कानूनों को दुरुस्त किया है, प्रक्रिया बेहतर बनाई है, हमें अपने अंतरराष्ट्रीय साझीदारों का भरपूर समर्थन हासिल है. भविष्य में जो भी ठेके दिए जाएँगे उनके बारे में सारी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी. हम इस मामले में पूरी पारदर्शिता रखेंगे."

जब उनसे पूछा गया कि अफ़ग़ानिस्तान में ऐसे असुरक्षित माहौल में खनन कंपनियाँ किस तरह काम करेंगी तो उनका कहना था कि शुरूआती परियोजनाओं अपेक्षाकृत सुरक्षित क्षेत्रों में होंगी, खनन कंपनियों की सुरक्षा के लिए सरकार एक विशेष सुरक्षा बल के गठन का भी आश्वासन दे रही है.

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