आईएसआई प्रमुख ने ब्रिटेन यात्रा रद्द की

शुजा पाशा
Image caption आईएसआई के ख़िलाफ़ हाल ही में विकीलीक्स में प्रकाशित दस्तावेज़ में भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं

ब्रितानी प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के बयान से नाराज़ पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी के प्रमुख शुजा पाशा ने अपनी ब्रिटेन यात्रा रद्द कर दी है.

पाकिस्तान के सुरक्षा सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है और कहा है कि डेविड कैमरन की इस टिप्पणी के बाद यह फ़ैसला लिया गया है कि अफ़ग़ानिस्तान में पाकिस्तान दोहरी भूमिका निभा रहा है और वह तालेबान का समर्थन कर रहा है.

प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने यह टिप्पणी अपनी भारत यात्रा के दौरान की थी.

आईएसआई के अधिकारियों को ब्रिटेन के सुरक्षा अधिकारियों के साथ 'आतंक के ख़िलाफ़ युद्ध' में सहयोग के मसले पर चर्चा करनी थी.

अगले हफ़्ते पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी को तीन दिन की ब्रिटेन यात्रा पर जाना है, लेकिन फ़िलहाल उसमें कोई तब्दीली नहीं की गई है.

ब्रिटेन में लेबर पार्टी के एक नेता और शैडो विदेश मंत्री डेविड मिलिबैंड ने इसे बुरी ख़बर बताया है.

नाराज़गी

Image caption दिल्ली में डेविड कैमरन ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ कड़ा बयान दिया था

'आतंक के ख़िलाफ़ युद्ध' में पाकिस्तान पश्चिमी देशों, विशेषकर अमरीका और ब्रिटेन का क़रीबी सहयोगी है, लेकिन ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री के बयान ने पाकिस्तान को नाराज़ कर दिया है.

डेविड कैमरन ने अपनी भारत यात्रा के दौरान बुधवार को दिल्ली में कहा था, "यह देश (पाकिस्तान) दोहरी भूमिका निभाता रहे यह हम किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं कर सकते. वह किसी भी रुप में भारत या अफ़ग़ानिस्तान या दुनिया के किसी भी हिस्से में आतंक को बढ़ावा नहीं दे सकता."

लंदन के 'द टाइम्स' ने पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई के प्रवक्ता के हवाले से कहा है कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के बयान की प्रतिक्रिया स्वरूप ही यात्रा रद्द की गई है.

प्रवक्ता ने कहा है, "इस तरह का ग़ैर ज़िम्मेदाराना बयान ब्रिटेन के साथ हमारे सहयोग को प्रभावित कर सकता है."

एक पाकिस्तानी अधिकारी के हवाले से 'द टाइम्स' ने कहा है, "यह पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों पर सीधा आरोप है, जिसने आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में अपने हज़ारों सैनिक और अधिकारी गँवाए हैं."

अधिकारी का कहना है कि आईएसआई प्रमुख की ब्रिटेन यात्रा रद्द करने का फ़ैसला 'शीर्ष सैन्य अधिकारी' ने लिया है.

पाकिस्तान इस समय वैसे भी दबाव में है क्योंकि विकीलीक्स वेबसाइट पर प्रकाशित अफ़ग़ानिस्तान युद्ध से संबंधित दस्तावेज़ों में पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई और तालिबान में संबंध है.

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