पाक की ख़राब छवि बन रही है बाधा:संयुक्त राष्ट्र

Image caption बाढ़ से पाकिस्तान का बीस प्रतिशत हिस्सा पानी में डूबा हुआ है.

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि पाकिस्तान की ख़राब छवि की वजह से उसे मदद मिलने में मुश्किलें आ रही हैं. दानकर्ताओं को डर है कि पैसा लोगों तक नहीं बल्कि तालिबान तक पहुंचेगा.

विश्व बैंक ने बाढ़ पीड़ितों के लिए नब्बे करोड़ डॉलर देने का एलान किया है लेकिन अंतरराष्ट्रीय दानकर्ताओं की ओर से मदद की रफ़्तार काफ़ी धीमी है.

संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों का कहना है कि दूसरे देशों की सरकारों को यक़ीन नहीं है कि पैसा आम लोगों तक पहुंचेगा.

उन्हें भ्रष्टाचार की चिंता है और ये डर भी है कि पैसा तालिबान के ख़ज़ाने में चला जाएगा.

अभी तक सबसे ज़्यादा पैसा अमरीका ने दिया है. अमरीकी सरकार ने सात करोड़ 60 लाख डॉलर की मदद दी है.

लेकिन संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि आपात सहायता के लिए 46 करोड़ डॉलर में से वो सिर्फ़ एक तिहाई जमा कर पाए हैं.

विश्व बैंक की ओर से जारी रक़म मुख्य रूप से पुनर्निर्माण के लिए है.

चेतावनी

वहीं पाकिस्तान सरकार ने चेतावनी दी है कि यदि बाढ़ पीड़ितों को जल्द ही मदद नहीं मिलती तो लाखों जानें जाएंगी और चरमपंथ में तेज़ी आएगी.

पाकिस्तान का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा पानी में डूबा हुआ है और विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा है कि ये तबाही इतनी बड़ी है कि पाकिस्तान अकेले इसका मुक़ाबला नहीं कर सकता.

बीबीसी के साथ एक बातचीत में क़ुरैशी का कहना था, “अंतरराष्ट्रीय मदद जल्द ही नहीं पहुंची तो लाखों लोगों के सामने भुखमरी की नौबत पैदा हो जाएगी और चरमपंथी इस मौक़े का पूरा फ़ायदा उठाएंगे.”

क़ुरैशी का कहना था कि ये वक़्त पाकिस्तान के लिए अहम है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सीधे तौर पर गुहार लगाते हुए उन्होंने कहा कि अभी मुंह फेरने का वक़्त नहीं है.

उनका कहना था कि ये मदद चरमपंथियों के ख़िलाफ़ एकजुट लड़ाई होगी.

संयुक्त राष्ट्र ने भी चेतावनी जारी की है कि लगभग 35 लाख बच्चों पर पानी से पैदा होनेवाली बीमारियों की चपेट में आने का ख़तरा है.

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि राहत कोष में जल्द से जल्द बढ़ोतरी की ज़रूरत है जिससे 60 लाख बच्चों को साफ़ पीने का पानी उपलब्ध करवाया जा सके.

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