वेश्यावृत्ति को मिला पेशे का दर्जा

एक यौनकर्मी
Image caption बांग्लादेश में 20 हज़ार से अधिक यौनकर्मी हैं

बांग्लादेश के चुनाव आयोग ने कहा है कि नए बनने वाले मतदाता पहचान पत्र में वेश्यावृत्ति को एक व्यवसाय के रूप में दर्ज किया जाएगा.

इसके लिए अभियान चलाने वाले समूहों और संगठनों ने चुनाव आयोग की इस पहल का स्वागत किया है.

उनका कहना है कि दफ़्तरों और सार्वजनिक स्थानों पर यौनकर्मियों को जिन परेशानियों का सामना करना पड़ता था उनमें अब कमी आएगी.

दुनिया के अन्य देशों की तरह बांग्लादेश में भी यौनकर्मियों को सालों से अपमान और अकेलेपन का सामना करना पड़ता है.

उनकी स्थिति में सुधार के लिए काम करने वाले संगठनों का कहना है कि पुलिस और उनके ग्राहक उनसे मारपीट करते हैं और अपमानित करते हैं.

उनका कहना है कि यौनकर्मियों को कठिन परिस्थितियों में काम करना पड़ता है इसलिए समाज में उन्हें अधिकार और सम्मान देने की ज़रूरत है.

चुनाव आयुक्त शेख़ावत हुसैन ने बीबीसी से कहा,'' यौनकर्मी मतदाता पहचान पत्र में वेश्यावृत्ति को पेशे के रूप में दर्ज करा सकती हैं.''

उन्होंने कहा,''मानवाधिकार संगठनों की सलाह पर आयोग ने इसे एक पेशे के रूप में दर्ज करने का फ़ैसला किया है.''

रुतबे की तलाश

मतदाता पहचान पत्रों के लिए केवल 25 तरह के कामों को मान्याता दी गई थी लेकिन अब इसमें पत्रकार, पुजारी और मानवाधिकार कार्यकर्ता जैसे पेशे को भी जोड़ने का फ़ैसला किया गया है.

अधिकारियों का कहना है कि ये सूचनाएँ कार्ड पर नहीं बल्कि उनमें लगे 'बार कोड' में दर्ज होंगीं, जो कि एक डाटाबेस से जुड़ा होगा.

इस डाटाबेस तक केवल चुनाव आयोग की ही पहुँच होगी.

इसके लिए अभियान चलाने वाले संगठनों का कहना है कि इस मुस्लिम बहुल देश में क़रीब 20 हज़ार यौनकर्मी हैं.

प्रतिरोध प्रोजेक्ट चैरिटी के एक अधिकरी आसिफ़ इक़बाल कहते हैं,'' चुनाव आयोग की यह पहल सामाजिक रुतबा हासिल करने की दिशा में एक क़दम है.''

उन्होंने उम्मीद जताई कि यह क़दम यौनकर्मियों के बच्चों के स्कूलों में दाख़िले को आसान बनाएगा.''

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