नेपाल में सांसदों की ख़रीद पर टेप

  • 4 सितंबर 2010
प्रचंड
Image caption नेपाल में पांच दौर की बातचीत के बाद भी प्रधानमंत्री का चुनाव नहीं हो पाया है.

नेपाल के वरिष्ठ माओवादी नेता कृष्ण बहादुर महरा के एक चीनी अधिकारी से कथित बातचीत के टेप ने नेपाल में राजनीतिक सनसनी फैला दी है.

लेकिन बीबीसी से बातचीत में महरा ने इन आरोपों को निराधार बताया है.

नेपाल के एक टेलीविज़न चैनल पर ये टेप प्रसारित की गई थी.

इस टेप में पुष्प कमल दहल यानि प्रचंड को प्रधानमंत्री बनाने के लिए पचास सांसदों के वोट ख़रीदने पर बात हुई है.

कृष्ण बहादुर महरा पर आरोप है कि चीनी अधिकारी से बात करने वाली आवाज़ उनकी है.

फ़ोन पर की गई बातचीत की रिकार्डिंग में तराई की मधेसी पार्टियों के नेताओं को माओवादी नेता के हक़ में वोट डालने के एवज़ में पचास करोड़ की मांग करते सुना गया है.

ग़ौर करने वाली बात है कि नेपाल में पांच दौर की बातचीत के बाद भी प्रधानमंत्री का चुनाव नहीं हो पाया है.

झूठ और निराधार

कृष्ण बहादुर महरा ने बीबीसी संवाददाता रेणु अगाल से कहा, "ये टेप बिल्कुल झूठ और निराधार है. इसमें कोई सत्यता नहीं है."

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के चुनाव के अगले दौर में बाधा पहुंचाने के लिए ये कार्रवाई की गई है. ये बिल्कुल सोची समझी साजि़श है."

महरा ने कहा, "जो लोग नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता चाहते हैं वह इसके पीछे हैं."

हालांकि उन्होंने इस बात से इंकार नहीं किया है कि टेप पर सुनाई गई आवाज़ उनकी नहीं है पर उन्होंने कहा कि उनकी आवाज़ को जोड़ तोड़ कर लगाया गया है. नेपाल की 601 सीटों वाली संविधान सभा में 301 सांसदों के मत पर ही प्रधानमंत्री का चुनाव हो सकता है. सीपीएन माओवादी सबसे बड़ी पार्टी है पर उसके पास 237 सांसद ही हैं.

बातचीत में क्या है

चीन के एक अधिकारी और कथित तौर पर कृष्ण महरा की बताई जा रही दूसरी आवाज़ के बीच बातचीत में कृष्ण महरा कथित तौर पर कह रहे हैं कि अगले दौर में भी प्रचंड के चुने जाने के कोई आसार नहीं हैं.

इस पर चीनी अधिकारी पूछते हैं कि आप किस तरह की मदद चाहते हैं, तो कृष्ण महरा की आवाज़ में जवाब है, "दक्षिण (भारत के हित) को ख़त्म करना है और फिर धन की ज़रुरत होगी पर कितनी ये अध्यक्ष (प्रचंड) से पूछना होगा."

चीनी अधिकारी हांगकांग में मिलने की पेशकश करते हैं लेकिन बात प्रचंड और उन तक सीमित रखने की हिदायत करते हैं.

योजना बनती है कि महरा से मिल कर पहली बातचीत की जाए.

महरा चीन में चेंगडु और सिंगापुर में मिलने की बात कर रहे थे पर चीनी पक्ष ने हांगकांग की बात की.

यह तय होता है कि महरा हांगकांग मे मिलने के बारे में अपने अध्यक्ष से बात कर जवाब देंगे.

टेप के दूसरे भाग में महरा कहते है कि प्रचंड से उनकी बात हुई है और शायद चीन से कोई और भी उनसे संपर्क में है.

बातचीत मे आगे महरा कहते हैं चूंकि चुनाव में चार दिन बचे हैं हर व्यक्ति के लिए एक करोड़ नेपाली रुपयों की ज़रूरत होगी और ये पैसा पचास सांसदों को देना होगा.

चीनी अधिकारी हांगकांग में कभी भी मिलने को तैयार दिखते हैं पर चूंकि चुनाव बहुत करीब है, इसलिए काम जल्द करने का फैसला करते हैं.

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