अमरीकी सैनिकों पर गंभीर आरोप

ग्वांतानामो बंदीगृह
Image caption अमरीकी सैनिकों पर ग्वांतानामो बंदीगृह में दुर्व्यवहार करने के आरोप लगे थे

सेना के अधिकारियों ने एक दस्तावेज़ जारी किया है जिसमें आरोप लगाया गया है कि अमरीकी सैनिकों के एक गुट ने कई अफ़ग़ान नागरिकों को मार दिया और उनके शरीर के हिस्से काट कर विजय चिन्ह के रुप में ले गए.

इस दस्तावेज़ में कहा गया है कि पाँच सैनिक इस साल जनवरी, फ़रवरी और मई में नागरिकों की हत्या में शामिल थे.

सात और सैनिकों को इस अपराध को छिपाने का षडयंत्र करने का आरोप है.

जिन पर आरोप लगाए गए हैं उनमें से कुछ लोगों के वकीलों ने इन आरोपों का खंडन किया है. सेना ने अभी इस मामले की समीक्षा शुरु नहीं की है.

अमरीकी सेना के इस दस्तावेज़ में स्टाफ़ सार्जेंट केल्विन गिब्स, कार्पोरल जेरेमी मारलॉक, स्पेशलिस्ट एंड्र्यू होम्स, माइकल वैगन और एडम विनफ़ील्ड पर आरोप हैं कि उन्होंने बंदूकों और बम से अफ़ग़ान पुरुषों की हत्या की.

अन्य सैनिकों पर एक अफ़ग़ान सैनिक को चाकू घोंपने, हताहतों की फ़ोटो रखने और जाँचकर्ताओं से दूर रखने के लिए कुछ व्यक्तियों की पिटाई का आरोप है.

ये सभी सैनिक से पाँचवे 'स्ट्राइकर ब्रिगेड' से हैं और अफ़ग़ानिस्तान में उनकी नियुक्ति पिछले साल ही हुई थी. इस ब्रिगेड ने कंधार में बड़ी लड़ाई का सामना किया.

फ़ैसला शेष

Image caption वर्ष 2001 से अमरीकी सैनिक बड़ी संख्या में अफ़ग़ानिस्तान में हैं

सेना की प्रवक्ता मेजर कैथलीन टर्नर ने बीबीसी को बताया कि यह जाँच अभी भी आरंभिक स्तर पर है और अभी सेना को अभी यह निर्णय लेना है कि इस पर आगे कार्रवाई की जाए या नहीं.

वॉशिंगटन में बीबीसी के संवाददाता केविन कोनोली का कहना है कि क़ानूनी प्रक्रिया बहुत लंबी और पेचीदगी भरी है.

सेना के अभियोजकों का कहना है कि स्टाफ़ सार्जेंट गिब्स के पास अफ़ग़ान सैनिकों की उंगलियों की हड्डियाँ, पैर की हड्डियाँ और एक दाँत पाया गया है. उसने ये उंगलियाँ एक दूसरे सैनिक को दिखाईं और उसे धमकी दी कि यदि वह नशीली दवाओं के बारे में अफ़सरों से शिकायत की तो उसे जान से मार दिया जाएगा.

स्टाफ़ सार्जेंट गिब्स के वकील फ़िलिप्स स्टैकहाउस ने समाचार एजेंसी एएफ़पी से कहा कि उनके मुवक्किल का कहना है कि गोलीबारी वास्तविक संग्राम था और उन्होंने किसी अफ़ग़ान सैनिक को मारने के षडयंत्र के आरोपों का खंडन किया है.

अमरीकी मीडिया का कहना है कि ये आरोप मुख्यरुप से कार्पोरल मोरलॉक के बयान पर आधारित है.

लेकिन मोरलॉक के वकील का कहना है कि उनके मुवक्किल का बयान उस समय दर्ज किया गया जब वे मष्तिकाघात का इलाज करवा रहे थे और दवाओं के प्रभाव में थे और उनको युद्धक्षेत्र से वापस लाया जा रहा था.

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