काबुल बैंक का सेंट्रल बैंक ने अधिग्रहण किया

काबुल बैंक अफ़ग़ानिस्तान का सबसे बड़ा निजी बैंक रहा है
Image caption काबुल बैंक का नियंत्रण अफ़ग़ान केंद्रीय बैंक ने संभाल लिया है

अफ़ग़ानिस्तान के सबसे बड़े निजी बैंक – काबुल बैंक को अफ़ग़ानिस्तान के सेंट्रल बैंक ने ख़रीद लिया है. जब ये ख़बर फैली कि काबुल बैंक को भारी नुक़सान हुआ है तो खातेदार अपना धन निकालने के लिए बेतहाशा दौड़ पड़े और अफ़रातफ़री मच गई.

राष्ट्रपति हामिद करज़ई के भाई भी काबुल बैंक में सबसे बड़े शेयरधारकों में से एक हैं.

अफ़ग़ान सरकार के लगभग ढाई लाख कर्मचारियों को वेतन भी काबुल बैंक के ज़रिए ही अदा किया जाता है.

काबुल बैंक की डूबती नैया को बचाने के लिए अफ़ग़ानिस्तान केंद्रीय बैंक को आगे आना पड़ा है और उसने काबुल बैंक का पूरा नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया है.

अफ़ग़ान केंद्रीय बैंक के गवर्नर अब्दुल क़ादिर फ़ितरप ने कहा है कि बैंक के जिन वरिष्ठ निदेशकों और शेयरधारकों को बर्ख़ास्त किया गया है उन सभी की जाँच की जाएगी.

कुछ ऐसी भी ख़बरें मिली हैं कि काबुल बैंक को तीस अरब डॉलर तक का नुक़सान हो गया है. बैंक के निदेशकों की कामकाज में पारदर्शिता नहीं बरतने और दुबई के संपदा बाज़ार में अंधाधुंध निवेश करने के लिए आलोचना की गई है.

काबुल बैंक ने राष्ट्रपति हामिद करज़ई के समर्थकों को लाखों-करोड़ों का क़र्ज़ दिया हुआ है. उनके भाई महमूद करज़ई काबुल बैंक के एक प्रमुख शेयरधारक हैं.

राष्ट्रपति हामिद करज़ई के एक नज़दीकी वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि देश की वित्तीय व्यवस्था को बचाने के लिए ठोस कार्रवाई की जा रही है.

अधिकारी ने कहा कि काबुल बैंक का तमाम धन राष्ट्र का है और हर छोटी से छोटी रक़म का हिसाब-किताब लिया जाएगा.

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