तनाव के बीच दो और हमले, 12 चरमपंथी मरे

  • 3 अक्तूबर 2010
Image caption सितंबर के महीने में अमरीकी ड्रोन हमलों में काफ़ी तेज़ी आई है.

अमरीका और पाकिस्तान के बीच बढ़े हुए तनाव के बीच उत्तरी-पश्चिमी पाकिस्तान में दो अमरीकी ड्रोन हमले हुए हैं जिसमें कम से कम 12 चरमपंथी मारे गए हैं.

अधिकारियों का कहना है कि मारे गए सभी चरमपंथी तालिबान के ऐसे संगठन से थे जो अल क़ायदा के सदस्यों को पनाह देता है.

बीबीसी संवाददाता शोएब हसन का कहना है कि पहला मिसाइल शनिवार की सुबह उत्तरी वज़ीरिस्तान के दाता खेल इलाके में दागा गया.

प्रत्यक्षदर्शियों ने बीबीसी को बताया कि मिसाइल एक घर से टकराए जिसे तालिबान चरमपंथी इस्तेमाल करते थे.

स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि घर पूरी तरह से ध्वस्त हो गया. उन्होंने बताया कि शवों को और घायलों को फ़ौरन ही चरमपंथियों ने वहां से हटा लिया.

Image caption स्थानीय लोगों का कहना है कि हमले ने उस घर को ध्वस्त कर दिया जिसका इस्तेमाल तालिबान चरमपंथी करते थे.

कई घंटों के बाद उसी मकान पर ड्रोन विमान से दो और मिसाइल दागे गए.

स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ चरमपंथी जो मकान के मलबे का निरीक्षण कर रहे थे इस दूसरे हमले में मारे गए.

अधिकारियों का कहना है कि सभी मारे गए चरमपंथी एक स्थानीय तालिबान कमांडर हफ़ीज़ गुल बहादुर के संगठन के हैं.

स्थानीय कबायली नेताओं ने बीबीसी को बताया है कि दाता खेल इलाके में अल क़ायदा के अरबी और उज़्बेक चरमपंथियों ने कई ठिकाने बना रखे हैं.

पाक-अमरीका तनाव

पिछले 29 दिनों में 25 ड्रोन हमले किए जा चुके हैं और इनमें चरमपंथी और आम नागरिकों समेत कम से कम 150 लोग मारे जा चुके हैं.

शनिवार के हमले से एक दिन पहले नेटो के कई ट्रकों को दक्षिणी सिंध में आग लगा दिया गया था और तालिबान चरमपंथियों ने उस हमले की ज़िम्मेदारी ली है.

पाकिस्तानी सेना अभी भी नेटो के ट्रकों के काफ़िले को अपने देश से होकर अफ़गानिस्तान जाने की इजाज़त नहीं दे रही.

पाकिस्तान सेना ने कहा है कि नेटो को पाकिस्तानी सीमा में घुसकर हमला करने के लिए माफ़ी मांगनी होगी.

नेटो के हेलीकॉप्टरों के हमले में कुछ पाकिस्तानी सैनिक भी मारे गए थे.

नेटो ने इसके लिए अफ़सोस जताया है लेकिन पाकिस्तान में फ़िलहाल इस घटना को लेकर माहौल काफ़ी गर्म है.

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