भारत चीन संबंधों की पड़ताल करेगी फ़िल्म

चीनी फ़िल्म
Image caption 60 के दशक में चीन में भारतीय फ़िल्में काफ़ी पसंद की जाती थी

भारत और चीन के बीच प्यार और नफ़रत की कहानी पुरानी है, लेकिन हाल के वर्षों में रिश्तों को सुधारने की पहल दोनों देशों की ओर से हुई है.

इसी कड़ी में दोनों देशों के सहयोग से एक फ़िल्म का निर्माण हो रहा है जो दोनों देशों के लोगों के मन में बसे पूर्वाग्रहों को मिटाएगी.

'गोल्ड स्ट्रक' नाम से बन रही इस फ़िल्म को चीन की सरकारी फ़िल्म निमार्ण कंपनी का सहयोग मिल रहा है. 'एक्शन-कॉमेडी' इस फ़िल्म में दोनों ही देशों के चर्चित कलाकारों के अभिनय करने की उम्मीद है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक इस फ़िल्म की निर्माता सिंडी शू का कहना है, "भले ही दोनों देश एक दूसरे के प्रतियोगी हो लेकिन दोनों में काफी समानता है. इस फ़िल्म के दो चरित्र दो देश की तरह हैं. दोनों के बीच आपस में कुछ मतांतर हैं लेकिन वे एक-दूसरे से अलग नहीं हो सकते."

साथ मिलकर लेखन

यह फ़िल्म एक भारतीय आईटी इंजीनियर और चीनी कैमिस्ट के इर्द गिर्द घूमेगी. इस फ़िल्म का लेखन सिंडी शू और भारतीय लेखक मिल कर रहे हैं.

ग़ौरतलब है कि दोनों देश के बीच संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से हाल में चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबायो भारत यात्रा पर आए थे.

इस फ़िल्म को अंग्रेजी, चीनी और हिंदी में प्रदर्शित करने की योजना है और उम्मीद है कि सितंबर 2011 में फ़िल्म का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा.

चीन में एक साल में महज 20 विदेशी फ़िल्मो के प्रदर्शन की इजाज़त होती है और ऐसे में कभी-कभार ही किसी भारतीय फ़िल्म के प्रदर्शन की अनुमति मिल पाती है.

उम्मीद की जा रही है कि गोल्ड स्ट्र्क के बाद दोनों देशों के सहयोग से भविष्य में और भी फ़िल्में बनेंगी. 60 के दशक में चीन में भारतीय फ़िल्मों और ख़ास तौर से राज कपूर की फ़िल्मों के काफ़ी प्रशंसक थे

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