'पाकिस्तान में हैं अल क़ायदा चरमपंथी'

जो बाइडन और यूसुफ़ रज़ा गिलानी
Image caption इस्लामाबाद में जो बाइडन और यूसुफ़ रज़ा गिलानी के बीच मुलाक़ात

अमरीकी उपराष्ट्रपति जो बाइडन ने पाकिस्तान में कहा है कि अल-क़ायदा के चरमपंथी पाकिस्तान के दूरदराज़ के इलाक़े में छिपे हुए हैं जो न केवल अमरीका बल्कि पाकिस्तान केलिए ख़तरनाक हैं.

उन्होंने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी प्रधानमंत्री यूसुफ रज़ा गिलानी से मुलाक़ात की और द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत की.

उन्होंने पाकिस्तानी नेतृत्व के साथ मुलाक़ातों में आतंकवाद के ख़िलाफ चल रहे युद्ध, पाकिस्तान में ऊर्जा की ज़रुरतों और क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर विचार विमर्श किया.

अमरीकी उपराष्ट्रपति ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि आतंकवाद और चरमपंथ के ख़ात्मे केलिए दोनों देशों के बीच एक मज़बूत साझेदारी है जो इस क्षेत्र के हित में है.

उन्होंने आतंकवाद और चरमपंथ की कड़े शब्दों में निंदा की और कहा कि अल-कायदा के चरमपंथी पाकिस्तान के दूरस्थ इलाक़ों में छिपे हुए हैं जो विश्व की शांति के लिए ख़तरनाक है.

उन्होंने कहा,"यह हक़ीकत है कि अल-क़ायदा ने करीब तीन हज़ार अमरीकी नागरिकों की हत्या की है और वह अमरीकी हितों को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं.”

उन्होंने आगे कहा,"इन लोगों को आप की ओर से कोई मदद नहीं मिल रही है लेकिन यह आप के दूरस्थ इलाक़ों में छिपे हुए हैं. अल-क़ायदा उन गुटों के साथ काम कर रहा है जिन्होंने आपको और आपके लोगों को निशाना बनाया है."

अमरीका और पाकिस्तान के संबंधों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंधों ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं लेकिन पिछले कुछ सालों से वह मज़बूत हो रहे हैं.

उनके अनुसार दोनों देशों के मज़बूत संबंध आतंकवाद और चरमपंथ के ख़ात्मे केलिए ज़रूरी है.

भारत

उन्होंने उस धारणा को भी ग़लत बताया कि अमरीका पाकिस्तान से ज़्यादा भारत को महत्व देता है.

अमरीका उपराष्ट्रपति ने उन बातों का भी खंडन किया कि अमरीका इस्लाम और उसके मानने वालों के ख़िलाफ है.

उस से पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने अमरीकी उपराष्ट्रपति का आभार व्यक्त किया और कहा कि अमरीका ने हर मुश्किल घड़ी में पाकिस्तान का साथ दिया है.

उन्होंने कहा,"लक्ष्य प्राप्त करने केलिए दोनों देशों के बीच बातचीत का रास्ते खुला रहना चाहिए और समन्वय बहुत ही ज़रूरी है. हम पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा केलिए अमरीकी कोशिशों की प्रशंसा करते हैं."

इससे पहले अमरीकी उपराष्ट्रपति ने पाकिस्तानी नेतृत्व को आश्वासन दिया कि अमरीकी प्रशासन पाकिस्तान में लोकतंत्र को मज़बूत करने, चरमपंथियों का मुक़बला करने और विकास में पूरा सहयोग करेगा.

जो बाइडन ने सेनाध्यक्ष जनरल अशफ़ाक परवेज़ कियानी से भी मुलाकात की.

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