तमाचा जड़ने वाले का समर्थन

नेपाल
Image caption नेपाल में राजनीतिक प्रगति न होने के कारण बहुत असंतोष है.

नेपाल में एक वरिष्ठ राजनेता को थप्पड़ मारने वाले आम नागरिक के लिए इंटरनेट पर ज़बर्दस्त समर्थन अभियान चलाया जा रहा है.

नेपाल के 55 वर्षीय देवी प्रसाद रेगमी ने देश के प्रमुख राजनीतिक दलों में से एक दल के चेयरमैन को पिछले हफ्ते उस समय ज़ोरदार थप्पड़ जड़ दिया जब वो नए पार्टी सदस्यों के लिए एक कार्यक्रम में शामिल हो रहे थे.

रेगमी नेपाल में राजनीतिक प्रगति के धीमी रफ्तार से कथित रुप से दुःखी थे. नेपाल में पिछले कई महीनों में सरकार बनाने की प्रक्रिया कई बार आवश्यक मत न होने की वजह से टल रही है.

रेगमी का कहना है कि नेपाल के राजनेता देश को बर्बाद कर रहे हैं इसलिए उन्हें ये क़दम उठाना पडा है.

जब रेगमी ने राजनेता तो थप्पड़ लगाया तो ये अख़बारों की पहली ख़बर बनी थी.

रेगमी के समर्थन में फेसबुक पर एक पन्ना बना है जिसे सात हज़ार लोगों ने अपना समर्थन दिया है.

दर्ज़नों लोगों ने इस साइट पर अपनी टिप्पणियां दी हैं और रेगमी को उनके काम के लिए बधाई दी है.

फेसबुक इस्तेमाल करने वाले एक व्यक्ति सैफ़ अख़्तर ने रेगमी को ‘देश का असली हीरो’ क़रार दिया है.

रेगमी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था और हिरासत में रखा गया था. जमानत के बाद जब रेगमी घर लौटे तो बड़ी संख्या में लोग उनसे मिलने भी आए.

हालांकि रेगमी ने कहा कि किसी को भी ये काम नहीं करना चाहिए और वो अपने कृत्य से गर्वान्वित नहीं हैं.

स्थानीय अख़बार हिमालयन टाइम्स के अनुसार रेगमी का कहना था कि राजनेता का गाल कपास की तरह मुलायम था.

नेपाल में जून के महीने में प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल ने पद छोड़ा था जिसके बाद से वहां सरकार नहीं बन पाई है.

जून से लेकर अब तक नए नेता के चुनाव के लिए 16 बार मतदान हो चुका है.

देश के राष्ट्रपति ने तीनों प्रमुख राजनीतिक दलों से आह्वान किया है कि वो जल्द से जल्द एक सरकार का गठन करें लेकिन अभी भी राजनीतिक दलों में किसी प्रकार की आम सहमति नहीं हो सकी है.

नेपाल में कोई सरकार न होने की वजह से लगभग सभी बड़ी विकास परियोजनाएं ठप पड़ी हैं. देश में लोग इस अव्यवस्था से बेहद नाराज़ और दुःखी हैं.

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