'कश्मीरी' दे रहे हैं पाक को आयकर

डल झील
Image caption भारतीय कश्मीर से पाकिस्तान को मिल रहा है आयकर.

पाकिस्तान सरकार का दावा है कि उसे भारत प्रशासित कश्मीर के कम से कम सात शहरों से लोग आयकर दे रहे हैं.

संसद में पाकिस्तान की मंत्री ने एक लिखित सवाल के जवाब में बताया है कि आयकर देने वाले लोगों की तादाद सैकड़ों में है.

हालांकि सरकार ने कर दाताओं के नाम ज़ाहिर करने से इनकार कर दिया और कहा है कि नियम इसकी इजाज़त नहीं देते.

फ़िलहाल भारत सरकार की ओर से इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

दावा

संसद के ऊपरी सदन सीनेट में शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान सांसद नजमा हमीद के सवाल का जवाब देते हुए आर्थिक मामलों की राज्यमंत्री हिना रब्बानी खर ने जो लिखित जबाव पेश किया उस में भारतीय शहरों और उन से पाकिस्तान को आयकर देने वालों की संख्या बताई गई है.

संसद में पेश किए गए दस्तावेज़ के अनुसार भारत प्रशासित कश्मीर के शहर उधमपुर, श्रीनगर, राजौरी, इस्लामाबाद (अनंतनाग), लेह, कठुआ और डोडा के लोग पाकिस्तान सरकार को टैक्स देते हैं.

दस्तावेज़ में बताया गया है कि उधमपुर, श्रीनगर, और इस्लामाबाद (अनंतनाग) से एक-एक व्यक्ति पाकिस्तान को टैक्स अदा करता है जबकि लेह से 198, कठुआ से दो और डोडा से 171 व्यक्ति पाकिस्तान सरकार को टैक्स का भुगतान करते हैं.

आर्थिक मामलों की राज्यमंत्री हिना रब्बानी खर ने संसद को यह भी बताया कि पाकिस्तान में करदाताओं की संख्या 30 लाख 42 हज़ार 246 है.

सरकार ने हर ज़िले के करदाताओं की संख्या पर आधारित एक दस्तावेज़ संसद में पेश किया लेकिन करदाताओं के नाम ज़ाहिर नहीं किए हैं और कहा है कि नियमों के अनुसार सरकार कर दाताओं के नाम ज़ाहिर नहीं कर सकती है.

सिंध और पंजाब का बोलबाला

दस्तावेज़ के मुताबिक पाकिस्तान में सब से ज़्यादा करदाताओं की संख्या का संबंध कराची से है जो करीब सात लाख के क़रीब है. लाहौर में टैक्स देने वालों की संख्या करीब साढ़े चार लाख, क्वेटा में तीस हज़ार तो पेशावर में 35 हज़ार करदाता हैं.

देश के अन्य शहरों में फ़ैसलाबाद के एक लाख 18 हज़ार लोग टैक्स देते हैं जबकि रावलपिंडी के एक लाख 37 हज़ार, इस्लामाबाद के एक लाख 22 हज़ार, हैदराबाद के 21 हज़ार, उत्तर और दक्षिण वज़ीरिस्तान के 213 लोग सरकार को टैक्स देते हैं.

सरकारी आकड़ों का आकलन करने पर पता चलता है कि पाकिस्तान में करदाताओं की सबसे ज़्यादा संख्या पंजाब से है लेकिन सिंध प्रांत से सब से ज़्यादा टैक्स वसूल किया जाता है.

वित्तमंत्री हफ़ीज़ शैख़ ने संसद को बताया कि पंजाब प्रांत के साढ़े 14 लाख करदाता 200 अरब रुपए सरकार को आयकर अदा करते हैं जबकि सिंध के आठ लाख 36 हज़ार करदाता 450 अरब रुपए आयकर देते हैं.

मंत्री के अनुसार इस्लामाबाद के करीब एक लाख करदाता 216 अरब रुपए का टैक्स सरकार को अदा करते हैं.

पर भारत के बारे में आकड़े चौकाने वाले हैं.

विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान की संसद में पेश इन आकड़ों के पीछे कश्मीर पर अधिकार जताने की पाकिस्तान की कोशिश के रुप में देखा जा सकता है या फिर प्रचार के हथियार के रुप में.

पर इससे भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत के माहौल को तैयार करने की कोशिशों को ज़रुर धक्का लगेगा.

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