भिखारियों को मिलेंगे हर रोज़ 100 रूपए

  • 31 जनवरी 2011
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Image caption भिखारियों की समस्या बांग्लादेश में ही नहीं जगह-जगह है

बांग्लादेश के चिटगौंग शहर में भिखारियों को विश्व कप क्रिकेट के दौरान रोज़ के लगभग 100 रूपए दिए जाएंगे जिससे वो सड़कों पर नज़र नही आएं.

बांग्लादेश, भारत और श्रीलंका के साथ फ़रवरी से शुरू हो रहे विश्व कप क्रिकेट का साझा मेज़बान है.

शहर के मेयर मंसूर आलम ने बीबीसी को बताया कि 300 विकलांग भिखारियों को तीन महीने तक रोज़ के 100 रूपए दिए जाएंगे जिससे उनकी रोज़ी-रोटी चलती रहे.

मेयर मंसूर आलम का कहना था कि रोज़ के 100 रूपयों के अलावा इन भिखारियों को पुनर्वास केंद्र में जाकर रहने का भी मौका दिया जाएगा.

उन्होंने कहा कि अगले हफ़्ते वो अपने कर्मचारियों के साथ बैठक करके विकलांग भिखारियों की सूची तैयार करेंगे.

उनका कहना था, “हम ये सूची इसलिए तैयार करेंगे जिससे देश के दूसरे हिस्सों से आने वाले विकलांग भिखारियों को रोका जा सके.”

स्थानीय प्रशासन का कहना है कि वो ये कदम इसलिए उठा रहे हैं जिससे ये भिखारी पर्यटकों और खेल देखने आए दर्शकों को परेशान नहीं करें.

देश में भिखारियों की कोई आधिकारिक संख्या तो नहीं है लेकिन अनुमान है कि पूरे देश में कुल सात लाख भिखारी हैं और इनमें कई विगलांग हैं.

बांग्लादेश में विश्व कप के आठ मैच हो रहे हैं और 17 फ़रवरी को उद्घाटन समारोह भी वहीं होगा.

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