ग्रामीण बैंक का स्थायित्व प्राथमिकता: यूनुस

  • 15 मार्च 2011
इमेज कॉपीरइट grameeninfo.org

नोबेल पुरस्कार विजेता और बांग्लादेश में ग्रामीण बैंक के संस्थापक मोहम्मद यूनुस ने बीबीसी से विशेष बातचीत में कहा है कि उनकी पहली प्राथमिकता ग्रामीण बैंक का स्थायित्व बनाए रखने की है.

मोहम्मद यूनिस का कहना था, ''ग्रामीण बैंक के लिए ये ज़रूरी है कि वो सही तरह से काम करता रहे और उसे कोई असहज झटका न लगे, हम लोग इसी पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं.''

उनका कहना था कि इससे 80 लाख लोगों ने कर्ज़ लिया है जिनमें अधिकांश ग्रामीण महिलाएँ हैं.

उल्लेखनीय है कि हाल में मोहम्मद यूनुस को रिटायर होने की उम्र पार हो जाने के कारण बांग्लादेश के केंद्रीय बैंक ने पद से बर्ख़ास्त कर दिया था.

ग्रामीण बैंक के ज़रिए गरीब लोगों को छोटे कर्ज़े देकर मोहम्मद यूनुस ने माइक्रोफ़ाइनेंस की दुनिया को नया आयाम दिया और इसके लिए उन्हें 2006 में नोबेल पुरस्कार भी प्रदान किया गया था.

यूनुस के समर्थकों का कहना है कि सरकार ने उन्हें तीन साल पहले राजनीति में प्रवेश करने की कोशिशों के कारण निष्कासित किया है.हालांकि बांग्लादेश सरकार इस आरोप का खंडन करती है.

मोहम्मद यूनुस का कहना था, ''हमने एक समानांतर प्रणाली तैयार की है. हमारे अधिकतर लोगों के बीच बैंकिंग व्यवस्था की दीवार खड़ी है. हमने ये दीवार तोड़ी है.''

उनका कहना था कि वो इस बात से प्रसन्न हैं कि उन्होंने और उनके साथियों ने जो व्यवस्था तैयार की है, उससे ग़रीब महिलाओं को अपने जीवनस्तर को सुधारने में मदद मिली है.

वो कहते हैं कि इसके पहले तक ये माना जाता था कि महिलाएँ अर्थव्यवस्था का हिस्सा नहीं हैं लेकिन माइक्रोक्रेडिट ने महिलाओं को स्वरोजगार का अवसर प्रदान किया है.

यूनुस कहते हैं, ''माइक्रोक्रेडिट की शुरुआत छोटे स्तर से की की गई थी और इतने वर्षों में ये व्यापक हो गया है लेकिन इसका केंद्र महिलाओं पर ही है.''

संबंधित समाचार