तालिबान ने किया 40 का अपहरण

अफ़ग़ान सुरक्षाकर्मी
Image caption राष्ट्रपति ऐसे साथ क्षेत्रों की घोषणा कर चुके हैं जहाँ क़ानून व्यवस्था जुलाई से अफ़ग़ान सुरक्षाकर्मी देखेंगे

अफ़ग़ानिस्तान के स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि उत्तर-पूर्व में स्थित कुंदूज़ में तालिबान विद्रोहियों ने 40 लोगों का अपहरण कर लिया है. उनकी रिहाई के लिए बातचीत हो रही है.

पड़ोसी प्रांत नूरिस्तान के पुलिस प्रमुख ने बीबीसी को बताया कि ये लोग पुलिस में भर्ती होने के लिए नूरिस्तान आए थे लेकिन कोई रिक्त स्थान ही नहीं था, इसलिए वे वापस अपने गाँवों को लौट रहे थे.

अपने गावों को लौटते समय ये लोग कुंदूज़ प्रांत के एक भाग से गुज़रे जो तालिबान के कब्ज़े में है.

नूरिस्तान के पुलिस प्रमुख का कहना था कि जब इन लोगों को तालिबान ने रोका और उन्हें पता चला कि ये लोग पुलिस में भर्ती होने के लिए गए थे, तब इन लोगों को बंदी बना लिया गया.

उन्होंने बताया कि इन लोगों के गांवों के कुछ बड़े-बुज़ुर्ग तालिबान के साथ बातचीत करने के लिए गए हैं और पुलिस प्रमुख को उम्मीद थी कि उन्हें जल्द ही रिहा कर दिया जाएगा.

'भाग्य का फ़ैसला तालिबान कमांडर करेंगे'

तालिबान के एक प्रवक्ता ने कहा कि उन्होंने पूर्व में पुलिसकर्मियों का अपहरण किया है लेकिन जब उन्होंने पुलिस और अफ़ग़ानिस्तान की सरकार के साथ काम न करने का आश्वासन दिया, तब उन्हें रिहा कर दिया गया था.

तालिबान के प्रवक्ता ने कहा कि इन 40 लोगों के भाग्य का फ़ैसला पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में वरिष्ठ तालिबान कमांडरों की एक परिषद करेगी.

ग़ौरतलब है कि अमरीका और सैन्य गठबंधन नैटो के अफ़ग़ानिस्ता से जाने की रणनीति के तहत फ़ौज और पुलिस की भर्ती में तेज़ी आई है.

राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने घोषणा की है कि देश के सात क्षेत्रों में इस वर्ष जुलाई से क़ानून व्यवस्था की ज़िम्मेदारी विदेशी सेनाओं की जगह अफ़गान सैनिक संभालेंगे.

लेकिन तालिबान ने धमकी दी है कि यदि कोई सुरक्षाबलों में शामिल होने की कोशिश करता है तो वे उसे निशाना बनाएँगे.

ग़ौरतलब है कि कुछ ही दिन पहले अफ़गानिस्तान के हेलमंद प्रांत में तालिबान की धमकी के बाद सभी फ़ोन नेटवर्क बंद कर दिए गए थे.

संवाददाताओं का कहना था कि तालिबान की धमकी के बाद फ़ोन सेवाओं को बंद करने का कंपनियों का फ़ैसला दर्शाता है कि हेलमंद में तालेबान का कितना बोलबाला है.

संबंधित समाचार