'यूरोप तक फैल रहा है लश्कर का जाल'

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Image caption अमरीका का कहना है कि लश्करे तैबा की पैठ अब अंतरराष्ट्रीय स्तर तक हो गई है.

एक वरिष्ठ अमरीकी जनरल ने कहा है कि चरमपंथी संगठन लश्करे तैबा का जाल अब भारत और दक्षिण एशिया के साथ साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैल रहा है.

अमरीकी सेना के पैसिफ़िक कमांड के प्रमुख ऐडमिरल रॉबर्ट विलार्ड ने अमरीकी कांग्रेस में दिए इस बयान में कहा है कि लश्कर ने नेपाल और बांग्लादेश में भी ठिकाने बना लिए हैं और अब यूरोप में भी पर फैला रहा है.

ऐडमिरल विलार्ड का कहना था, “इसमें कोई शक नहीं है कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच बना ली है और अब उनके निशाने पर सिर्फ़ दक्षिण एशिया या भारत नहीं है. वैसे अभी भी उनका मुख्य प्रशिक्षण क्षेत्र यही है और भारत अभी भी उनका मुख्य निशाना है.”

मुंबई में 2008 में हुए हमलों समेत भारत में कई अन्य चरमपंथी हमलों में लश्कर का हाथ माना जाता है और इस संगठन की गिनती आर्थिक रूप से सबसे संपन्न संगठनों में होती है.

उन्होंने कांग्रेस को बताया कि अमरीका के पास सबूत हैं कि लश्कर यूरोप और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में पैठ बना चुका है. अमरीका के ख़िलाफ़ भी इस संगठन ने जिहाद का एलान किया है और अफ़गानिस्तान में अमरीकी सैनिकों पर हुए हमलों में भी लश्कर का हाथ होने की आशंका जताई गई है.

सेनेट आर्म्ड सर्विसेज़ कमिटी के सवालों का जवाब देते हुए ऐडमिरल विलार्ड ने कहा है कि अमरीका भारत समेत अन्य दक्षिण एशियाई देशों के साथ मिलकर इस संगठन की चरमपंथी गतिविधियों को रोकने के लिए काम कर रहा है.

पाकिस्तान और लश्कर

पाकिस्तान सरकार और लश्करे तैबा के संबंधों पर बात करते हुए विलार्ड ने कहा कि पाकिस्तान सरकार और लश्कर के रिश्तों से जुड़ी बहस बेहद “संवेदनशील” है. उन्होंने कहा कि अमरीका इस मामले पर पाकिस्तान के साथ लगातार बात कर रहा है.

ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब अमरीका और पाकिस्तान के रिश्तों में ख़ासा तनाव नज़र आ रहा है.

Image caption अमरीकी जेल में बंद हेडली पर भी लश्कर का सदस्य होने का आरोप है.

पाकिस्तान मांग कर रहा है कि अमरीका पाकिस्तान में ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए की गतिविधियां कम करे.

वैसे तो अमरीका ने मुख्य रूप से पाकिस्तान में अल क़ायदा और अफ़गानिस्तान से जुड़े चरमपंथी गुटों पर ध्यान दिया है लेकिन पाकिस्तानी मूल के अमरीकी नागरिक डेविड हेडली की गिरफ़्तारी के बाद से लश्करे तैबा पर भी उनकी नज़र रही है.

हेडली पर आरोप है कि कश्मीर में लड़ाई करने के लिए वो लश्कर से जुड़े थे लेकिन बाद में मुंबई हमलों की साज़िश में शामिल हो गए.

इस बीच हेडली और उनके सहयोगी तहव्वुर राणा के हवाले से बयान आया है कि उन्होंने पाकिस्तान सरकार और आईएसआई की शह पर मुंबई हमलों का षडयंत्र रचा.

ऐडमिरल विलार्ड का कहना था, “ये बेहद अहम है कि हम पाकिस्तान के साथ इस बहस को जारी रखें और उनकी ज़मीन पर जो आतंकवाद फल फूल रहा है उसे जड़ से उखाड़ दें.”

इसके अलावा विलार्ड ने ये भी कहा है कि भारत और पाकिस्तान कश्मीर समस्या का हल ढूंढ सकें इसके आसार कम ही हैं क्योंकि इस्लामाबाद में सरकार अभी कमज़ोर है.

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