कंधार जेल के निदेशक हिरासत में

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अफ़ग़ानिस्तान में कंधार जेल के निदेशक ग़ुलाम मयार और सात अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को हिरासत में ले लिया गया है.

कुछ दिन पहले कंधार की एक जेल से 470 से अधिक तालिबान चरमपंथी भाग गए थे.

विद्रोहियों ने जेल के पास एक घर से जेल तक एक सुरंग खोदी थी और अपने साथियों को छुड़ाकर भाग निकले थे.

इस घटना के बाद जेल निदेशक को हिरासत में लिया गया है और उन्हें निलंबित कर दिया गया है. बीबीसी संवाददाता बिलाल सरवरी ने बताया है कि निदेश को कंधार पुलिस प्रमुख के कार्यलाय में लाया गया , उनके हाथों में हथकड़ी लगी थी और उनके चेहरे पर हैरानी का भाव था.

इसके अलावा सात अन्य अधिकारियों को भी हिरासत में लिया गया है जिसमें वो अधिकारी भी शामिल है जो जेल के आस-पास सुरक्षा प्रबंधों के लिए ज़िम्मेदार थे.

क़ैदियों को आज़ादी

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि एक जाँचकर्ता के मुताबिक ये जेल सरकार के नियंत्रण में नहीं था, इसे तालिबान चला रहा था और ऐसा लगता है कि जेल के गार्डों ने राजनीतिक क़ैदियों को बहुत ज़्यादा आज़ादी दे रखी थी.

एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि जेल में बंद चार बड़े विद्रोहियों को चाबी तक दी हुई थी जिससे वे दूसरी कोठरियों में जा सकते थे.

जानकारी के मुताबिक पुलिस और जेल कर्मचारियों ने क़ैदियों को मोबाइल फ़ोन बेचे जिस वजह से वो उन कमांडरों से बात कर पाए जो जेल से भाग निकलने की योजना तैयार कर रहे थे.

अब तक 71 विद्रोहियों को दोबारा पकड़ा जा चुका है. तालिबान का कहना है कि जेल से भागने वाले क़ैदियों में 100 से ज़्यादा उसके फ़ील्ड कमांडर थे.

तालिबान के एक प्रवक्ता ने बताया है कि उन्होंने 320 लंबी (1050 फुट) लंबी सुरंग खोदी थी और इसमें उन्हें पाँच महीनों का समय लगा.

इससे पहले जून, 2008 में एक आत्मघाती हमलावर ने कंधार जेल के दरवाज़े पर ख़ुद को उडा़ लिया था जिसके बाद 900 क़ैदी भाग निकलने में सफल हो गए थे.

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