12 साल के बच्चे ने किया आत्मघाती हमला

पाकटिका
Image caption पाकटिका में पहले अमरीकी सैनिक सघन अभियान चला चुके हैं

अफ़ग़ानिस्तान में 12 वर्ष के एक बच्चे ने आत्मघाती हमला किया है जिसमें कम से कम चार लोग मारे गए हैं और 12 अन्य घायल हो गए हैं.

पाकिस्तान की सीमा से सटे पाकटीका प्रांत के एक भीड़ भरे बाज़ार में इस बच्चे ने विस्फोटक से बंधी बेल्ट में विस्फोट कर दिया.

माना जा रहा है कि ये हमलावर अब तक का सबसे छोटी उम्र का आत्मघाती हमलावर है.

ये हमला तालिबान की उस घोषणा के बाद हुआ है जिसमें उन्होंने रविवार से नए सिरे से हमला करने की बात कही थी.

दो और हमले

गवर्नर के कार्यालय ने इस बात की पुष्टि की है कि पाकटीका के बाज़ार में विस्फोट करने वाला हमलावर एक 12 वर्षीय बच्चा था.

अफ़ग़ानिस्तान की प्रांतीय सरकार के प्रवक्ता ने लिखित बयान में कहा "इस हमले में शकिन ज़िला कांउसिल के मुखिया शाहिर नवाज़, एक महिला और दो और अन्य लोग मारे गए हैं और 12 लोग घायल हुए हैं."

इस हमले के अलावा निकट के गज़नी प्रांत में एक बंदूकधारी हमलावर ने पुलिस के दल पर हमला किया जिसमें दो पुलिसवालों और दो नागरिकों की मौत हो गई.

इसके अलावा शहर के पुलिस स्टेशन के पास एक साइकिल बम के फटने 13 नागरिक घायल हो गए हैं.

बीबीसी के काबुल संवाददाता का कहना है कि जिस तरह से शनिवार को बयान जारी करके तालिबान ने रविवार से हमले फिर शुरु करने की धमकी दी थी, उसके लिहाज से ये छोटे हमले हैं.

उनका कहना है कि तालिबान की घोषणा के बाद किसी बड़े हमले की आशंका जताई जा रही थी.

शनिवार को तालिबान ने एक बयान में कहा था कि आक्रमण रविवार से शुरु होगा और इसके निशाने पर विदेशी फ़ौजें और अफ़ग़ानिस्तान के सैनिक और अधिकारी होंगे.

सावधानी की सलाह

Image caption विदेशी फ़ौजों की वापसी जुलाई से शुरु होनी है

तालिबान ने आम लोगों से कहा था कि सार्वजनिक स्थानों पर जमा न हों और सैन्य ठिकानों और सरकारी इमारतों में जाने से परहेज़ करें और सरकारी काफ़िलों से दूर रहें.

इसके बाद संयुक्त राष्ट्र सहित सभी अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने अपने कर्मचारियों से कहा है कि जब तक अत्यावश्यक न हो वे बाहर न जाएँ.

अफ़ग़ानिस्तान के दक्षिणी शहर कंधार सहित अन्य शहरों में अतिरिक्त सैनिकों और पुलिस जवानों की तैनाती की गई है.

उल्लेखनीय है कि दो महीने बाद यानी जुलाई से विदेशी सेना अफ़ग़ानिस्तान से धीरे-धीरे वापस लौटने लगेगी और तब फिर सुरक्षा की ज़िम्मेदारी अफ़ग़ान के सुरक्षा बलों पर होगी.

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