अफ़ग़ान सैनिकों पर चिंता

  • 10 मई 2011
अफ़ग़ान सैनिक इमेज कॉपीरइट AP
Image caption अफ़ग़ान सैनिकों पर कई सवाल उठाए गए हैं

ब्रिटेन की एक शीर्ष चैरिटी संस्था ऑक्सफ़ैम ने चेतावनी दी है कि अफ़ग़ानिस्तान में बढ़ते मानवाधिकार हनन को रोकने के लिए विदेशी सैनिकों को और काम करना चाहिए.

संस्था ने मानवाधिकार हनन के लिए अफ़ग़ान सैनिकों पर आरोप लगाया है और कहा है कि इनमें हत्याएँ और बच्चों के साथ यौन दुर्व्यवहार भी शामिल हैं.

ऑक्सफ़ैम की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ वर्ष 2010 में अफ़ग़ानिस्तान में 2700 से ज़्यादा लोग मारे गए.

संस्था का दावा है कि इनमें से 10 प्रतिशत मौतों के लिए अफ़ग़ान नेशनल पुलिस ज़िम्मेदार है.

चिंता

अमरीका की सेना इस साल जुलाई से सीमित रूप में अफ़ग़ानिस्तान से वापसी शुरू कर रही है और वर्ष 2014 के अंत तक अमरीकी सेना के पूरी तरह हट जाने की योजना है.

ऑक्सफ़ैम की रिपोर्ट में कहा गया है कि विदेशी सैनिकों के अफ़ग़ानिस्तान से चले जाने के बाद अफ़ग़ान सैनिकों में उत्तरदायित्व और योग्यता को लेकर बड़ी चिंता है.

रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि अफ़ग़ान सैनिकों के कारण मारे जाने वाले आम नागरिकों के मामले में कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं है.

ऑक्सफ़ैम का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान में इसकी भी प्रभावी व्यवस्था नहीं है कि आम नागरिक सेना या पुलिस के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कर सके.

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