माउंट एवरेस्ट पर 21वीं बार

एपा इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption एपा इन दिनों अमरीका में रहते हैं

एक नेपाली शेरपा ने अपना ही पुराना रिकॉर्ड तोड़ते हुए बुधवार को 21वीं बार दुनिय की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट पर पहुँचने में सफलता पाई है.

मंगलवार की रात को चढ़ाई करते हुए वे बुधवार को सुबह स्थानीय समय के अनुसार 9.15 को चोटी पर पहुँचे.

एपा पहली बार 1989 में एवरेस्ट पर पहुँचे थे और इसके बाद से वे हर साल एक बार एवरेस्ट पर चढ़ते रहे हैं.

लंबी यात्रा

एपा हिमालय की तराई के ही रहने वाले हैं और उन्होंने हिमालय पर चढ़ने वाले लोगों के लिए उपकरण आदि पहुँचाने का काम तब शुरु किया था जब वे 12 वर्ष के थे.

अब 50 वर्ष के हो चुके एपा अब अमरीका के सॉल्ट लेक सिटी में रहते हैं और अब 'सुपर शेरपा' के नाम से जाने जाते हैं.

इस बार हिमालय तक पहुँचे तो थे एक पर्यावरण दल के साथ कि हिमालय की चोटियों पर जमा हो गए कचरे की सफ़ाई करेंगे.

समाचार एजेंसी एपी के अनुसार अप्रैल में अपने अभियान की शरुआत करते हुए उन्होंने कहा था कि उनका दल हिमालय की निचली चोटियों से 4000 किलोग्राम कचरे की सफ़ाई का लक्ष्य लेकर चल रहा है और माउंट एवरेस्ट के पास से क़रीब एक हज़ार किलोग्राम कचरे की सफ़ाई करना चाहता है.

लेकिन रास्ते में उन्हें एक दल मिला जो माउंट एवरेस्ट तक जा रहा था. अच्छा मौसम देखा तो वे साथ हो लिए.

पहाड़ चढ़ाई के इतिहास पर काम करने वाली एलिज़ाबेथ हाउली ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा, "माउंट एवरेस्ट पर चढ़ना एक कठिन काम है. इसके लिए आपमें बड़ी इच्छाशक्ति होनी चाहिए इतनी ऊँचाई पर चढ़ने के लिए ताक़त चाहिए."

उनका कहना है कि ये एक अद्भुत उपलब्धि है.

कुल 8,850 मीटर यानी 29,035 फुट ऊँची माउंट एवरेस्ट दुनिया की सबसे ऊँची चोटी है. इस चोटी पर सबसे पहले न्यूज़ीलैंड के एडमंड हिलेरी और शेरपा तेनज़िंग नोर्गे 1953 में पहुँचे थे.

तब से अब तक 3100 लोग 5100 बार माउंट एवरेस्ट पर पहुँच चुके हैं.

संबंधित समाचार