बढ़ते तनाव के बीच केरी पाकिस्तान जाएँगे

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Image caption केरी इससे पहले भी ओबामा प्रशासन के अनौपचारिक दूत के तौर पर सक्रिय रह चुके हैं

अल क़ायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन के कई साल तक ऐबटाबाद में मौजूद होने के मुद्दे पर बिगड़ते अमरीका-पाकिस्तान रिश्तों में सुधार लाने के लिए सीनेट की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष जॉन केरी पाकिस्तान जाएँगे.

जॉन केरी ने घोषणा की है कि वे आने वाले कुछ दिनों में पाकिस्तान जाएँगे और उनका मक़सद दोनों देशों के बीच वार्तालाप को पटरी पर लाना होगा.

दो मई को पाकिस्तान के ऐबटाबाद में अमरीकी कार्रवाई में ओसामा बिन लादेन मारे गए थे.

ओसामा की वहाँ मौजूदगी से अमरीका में अनेक लोगों ने इस्लामाबाद की उग्रवाद के ख़िलाफ़ लड़ने की प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए हैं.

सीनेट की सशस्त्र सेवाओं की समिति के अध्यक्ष कार्ल लेविन ने कहा था, "ये महत्वपूर्ण है कि हम पाकिस्तान से अच्छे संबंध बनाए लेकिन किसी भी कीमत पर ऐसा किया जाए, ये ज़रूरी नहीं."

'कई गंभीर सवाल, रास्ता खोजना होगा'

दूसरी ओर पाकिस्तान ने इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई है और इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है.

केरी पाकिस्तान जाने से पहले राष्ट्रपति बराक ओबामा से इन विषयों पर चर्चा करेंगे.

उनका कहना था, "कई गंभीर सवाल हैं. कई गंभीर मुद्दे तो उठेंगे ही. हमें मुद्दे साथ मिलकर सुलझाने का रास्ता खोजना होगा."

वे बाद में अफ़ग़ानिस्तान भी जाएँगे.

पर्यवेक्षकों का कहना है कि इससे पहले भी जॉन केरी ओबामा प्रशासन के अनौपचारिक दूत के रूप में सक्रिय रह चुके हैं.

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