तालिबान के हमले में 35 मज़दूर मारे गए

  • 19 मई 2011
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अफ़ग़ानिस्तान में अधिकारियों के अनुसार तालिबान चरमपंथियों ने पक्तिया प्रांत में हमला कर कम-से-कम 35 मज़दूरों को मार डाला है और 20 अन्य को घायल कर दिया है.

एक सकारी अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि ये मज़दूर एक कन्स्ट्रक्शन कंपनी के लिए काम करते थे और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से पहाड़ी इलाक़ों में पक्तिया और ख़ोस्त प्रांतों को जोड़नेवाले एक हाईवे का निर्माण कर रहे थे.

हमला बुधवार रात दो बजे के आसपास हुआ जब मज़दूर सड़क किनारे बने शिविरों में मौजूद थे और हमलावरों ने उनपर गोलियाँ चलानी शुरू कर दीं.

स्थानीय अधिकारी के अनुसार गार्डों ने जवाबी हमला भी किया जिससे आठ चरमपंथी भी मारे गए.

समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार पक्तिया के एक अधिकारी रोहुल्ला समून ने हमले के बारे में कहा,"कंपनी के गार्डों और तालिबान हमलावरों के बीच मुठभेड़ दो घंटे तक चलती रही."

गैलेक्सी स्टार कंपनी के प्रमुख नूरूल्ला बीदर ने बताया कि हमला 100 से ज़्यादा हमलावरों ने किया.

उन्होंने कहा,"उन्होंने हमारी कई मशीनों और वाहन वगैरह को नष्ट कर डाला...वे अफ़ग़ानिस्तान का पुनर्निर्माण रोकना चाहते हैं".

पिछले कई महीनों में ये तालिबान का सबसे बड़ा हमला है. इससे पहले तालिबान ने फ़रवरी में जलालाबाद में एक बैंक पर हमला कर 42 लोगों को मार डाला था.

तालिबान ने हाल ही में हमले तेज़ करने की चेतावनी देते हुए कहा था कि ‘बसंत अभियान’ शुरू करने की घोषणा की थी.

तालिबान ने हमले की ज़िम्मेदारी स्वीकार की है.

मज़दूरों पर हमले

अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान चरमपंथी अक्सर सड़क बनानेवाले मज़दूरों को निशाना बनाते रहे हैं.

पिछले साल दिसंबर में उन्होंने पक्तिया प्रांत में ही तुर्की के चार मज़दूरों और एक स्थानीय चालक को अग़वा कर लिया था.

अफ़ग़ानिस्तान के दूरवर्ती इलाक़ों में तालिबान और दूसरे चरमपंथी अक्सर कन्सट्रक्शन कंपनियों से टैक्स वसूलते रहते हैं.

कहा जाता है कि कुछ इलाक़ों में स्थानीय चरमपंथियों को रिश्वत दिए बिना कोई भी काम कर पाना नामुमकिन है.

बीबीसी संवाददाता क्वेंटिन सोमरविल के अनुसार अमरीका इस बात की कोशिश कर रहा है कि अफ़ग़ानिस्तान को विकास के लिए दिया जानेवाला धन चरमपंथियों के हाथ में, और ख़ास तौर से पाकिस्तान स्थित हक़्क़ानी गुट के हाथ में ना पहुँचे.

पक्तिया क्षेत्र में सक्रिय समझे जानेवाले हक़्क़ानी गुट को अल-क़ायदा और तालिबान का नज़दीकी बताया जाता है.

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