हामिद करज़ई की नेटो को चेतावनी

काबुल में संवाददाता सम्मेलन में करज़ई इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption नैटो हमले में आम नागिरकों की मौत पर करज़ई का रवैया सख़्त होता जा रहा है.

अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने नेटो सेना को सख़्त चेतावनी देते हुए कहा है कि उन्हें अफ़ग़ान नागरिकों के घरों पर हमले करने का अधिकार नहीं है.

करज़ई ने कहा कि अगर नेटो और अमरीकी सेना इसी तरह से नागरिकों पर हमले करती रही तो इस बात का ख़तरा है कि वह 'क़ब्ज़ा करने वाली सेना' ना बन जाए.

करज़ई का यह ताज़ा बयान उनके उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने शनिवार को नागिरकों पर हुए नेटो हमले की कड़ी आलोचना की थी.

हेलमंद में नेटो हमले में कम से कम नौ महिला और बच्चे मारे गए थे.

मंगलवार को काबुल में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान करज़ई ने नैटो सेना के हवाई हमले में अफ़ग़ान नागरिकों के मारे जाने पर अब तक के सबसे कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया है.

उन्होंने कहा, ''इन हमलों का कोई औचित्य नहीं है. अफ़ग़ानिस्तान की जनता अब इसे और बर्दाश्त नहीं करेगी. अगर इस तरह के हमले जारी रहे तो अफ़ग़ानियों की नज़र में नैटो एक अधिग्रहण सेना बन जाएगी.''

'मतभेद'

काबुल स्थित बीबीसी संवाददाता पॉल वुड का कहना है कि यह बयान इस बात की तरफ़ इशारा करता है कि करज़ई और नेटो के बीच गंभीर मतभेद पैदा हो रहें हैं.

नेटो हमले में नागरिकों के मारे जाने के मामले में करज़ई के तेवर पिछले कुछ दिनों से सख़्त होते जा रहें हैं.

नेटो का कहना है कि तालिबान लड़ाके जिन परिसरों से उनपर फ़ायरिंग करते हैं वहां आम नागरिक भी रहते हैं.

नेटो के अनुसार हर हमले से पहले वे अफ़ग़ान अधिकारियों से विचार विमर्श करते हैं और इस बात का पूरा आकलन किया जाता है कि हवाई हमले से नागरिकों को कितना ख़तरा है.

नेटो का कहना है कि अफ़ग़ान अधिकारियों को बताए बेग़ैर तभी कोई ऑपरेशन किया जाता है जब सचमुच में कोई इमरजेंसी हो.

नेटो ने हालाकि हेलमंद की घटना पर माफ़ी मांग ली थी लेकिन आपसी बातचीत में नैटो के कई वरिष्ठ अधिकारी राष्ट्रपति करज़ई के रवैये से काफ़ी चिढ़ें हुए दिखते हैं.

नेटो अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के हमले जारी रहेंगे.

अफ़ग़ानिस्तान में ज़्यादा तर आम नागरिक चरमपंथियों के हाथों ही मारे गए हैं लेकिन विदेशी सेना के ज़रिए आम नागरिक मारे जाते हैं तो इससे आम जनता में नाराज़गी बढ़ती है.

पिछले दिनों में इसको लेकर पूरे अफ़ग़ानिस्तान में कई प्रदर्शन भी हुए हैं.

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर नेटो हमले जारी रखती है और इसमें आम नागरिक मारे जाते हैं तो हामिद करज़ई क्या करेंगे.

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