नेपाल अब बारूदी सुरंगों से मुक्त

बारूदी सुरंग का पता लगाता एक नेपाली सैनिक इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption माओवादी विद्रोह के दौरान बड़े इलाक़ों में बारूदी सुरंग बिछाए गए थे

नेपाल में गृहयुद्ध समाप्त होने के पाँच साल बाद सैनिकों ने देश को बारूदी सुरंग से मुक्त कर दिया है.

इस तरह अब नेपाल, चीन के बाद एशिया का दूसरा देश हो गया है जहाँ कहीं भी बारूदी सुरंग नहीं है.

नेपाली माओवादी विद्रोहियों से वर्ष 2006 में जब समझौता हुआ था तो देश को बारूदी सुरंग से मुक्त करवाना उसकी एक शर्त थी.

इस समझौते के बाद नेपाल में बारूदी सुरंगों की वजह से 473 लोग घायल हुए हैं जिनमें से 78 जानलेवा साबित हुए हैं.

पहले माना गया था कि 60 दिनों के भीतर बारूदी सुरंगों को हटा लिया जाएगा लेकिन कई सुदूर इलाक़ों में इसके कहीं बहुत अधिक समय लग गया.

काठमांडू शहर से दो हज़ार मीटर की ऊँचाई पर सेना ने विस्फोट करके आख़िरी 53 बारूदी सुरंग को नष्ट किया जो दस वर्षों के माओवादी विद्रोह के दौरान उसने ही लगाए थे.

बीबीसी के नेपाल संवाददाता जोना जॉली का कहना है कि सेना की ओर से शांति की स्थापना के लिए ये एक प्रतीकात्मक विस्फोट था लेकिन नेपाल की राजनीतिक दलों को अभी भी शांति स्थापित करने के लिए लंबी दूरी तय करनी है.

ख़ासकर इस बात को लेकर कि 19 हज़ार पूर्व माओवादी लड़ाकों का आगे क्या होगा.

हालांकि सेना ने अब बारूदी सुरंगों को हटा दिया है लेकिन नेपाल सरकार को अभी भी अंतरराष्ट्रीय ओटावा संधि पर हस्ताक्षर करना है जिसके तहत बारूदी सुरंग को प्रतिबंधित करना होता है.

संबंधित समाचार