अफ़ग़ानिस्तान: सेंट्रल बैंक गवर्नर को 'जान का ख़तरा'

  • 28 जून 2011
काबुल बैंक इमेज कॉपीरइट Reuters

अफ़गानिस्तान के सेंट्रल बैंक के गवर्नर अब्दुल क़दीर फ़ितरत ने कहा है कि उन्होंने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.

अमरीका से बीबीसी से बात करते हुए अब्दुल क़दीर फ़ितरत ने कहा कि काबुल बैंक में भारी घोटाले की जाँच के दौरान उन्हें लग रहा है कि उनको जान का ख़तरा है.

काबूल बैंक एक निजी बैंक है और उसके पूर्व शेयरधारकों में अफ़गानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई के रिश्तेदार और संबंधी शामिल हैं.

हामिद करज़ई के एक भाई का नाम भी घोटाले में शामिल लोगों मे लिया जाता रहा है.

काबूल बैंक में 50 करोड़ डालर का घोटाला बताया जाता है जिसकी वजह से वो लगभग दिवालिया होने की कगार पर पहुँच गया था.

गवर्नर ने घोटाले की जाँच में सरकारी दख़लअंदाज़ी को भी त्यागपत्र की वजह बताया है और कहा है कि उन्हें ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ छानबीन में सहायता नहीं मिल पा रही है.

दो महीने पहले उन्होंने संसद में कुछ बहुत रसूख़वाले लोगों के नाम इस घोटाले के संबंध में लिए थे.

राष्ट्रपति हामिद करज़ई के एक भाई समेत कुछ रिश्तेदारों का हाथ इस घोटाले के संबंध में आता रहा है.

लेकिन काबुल में अधिकारियों का कहना है कि उन्हें गवर्नर के इस्तीफ़े की कोई सूचना नहीं है.

अधिकारियों का कहना है कि काबुल बैंक घोटाले में शामिल होने के शक में अबदुल क़दीर फ़ितरत के खिलाफ़ ख़ुद जाँच चल रही है.

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