काबुल होटल के हमलावर मार दिए गए

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काबुल के पुलिस प्रमुख ने कहा है कि शहर के पाँच सितारा होटल पर मंगलवार देर शाम शुरू हुआ चरमपंथी हमला तीन हमलावरों को मार दिए जाने के बाद ख़त्म हो गया है.

इन तीन हमलावरों को नैटो के हैलीकॉप्टरों ने उस समय मारा जब वे छत से सुरक्षा बलों पर फ़ायरिंग कर रहे थे.

अधिकारियों के अनुसार मंगलवार को ये हमला उस समय शुरु हुआ था जब तीन हमलावरों ने ख़ुद को विस्फोटकों से उड़ा लिया था.

उनका कहना है कि चार घंटे तक चले इस हमले में कम से कम दस नागरिकों की मौत हुई है और आठ घायल हुए हैं.

लेकिन उन्हें आशंका है कि हताहतों की संख्या और बढ़ सकती है और दिन में जाँच पड़ताल के बाद ही इसकी पुष्टि हो सकेगी.

तालिबान के एक प्रवक्ता ज़बीउल्लाह मुजाहिद ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है.

इसी होटल में बुधवार को एक बैठक होने वाली थी जिसमें अंतरराष्ट्रीय सेना के हाथों से सुरक्षा व्यवस्था अफ़ग़ान सुरक्षा बलों को सौंपने की व्यवस्था पर चर्चा होनी थी.

ये हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमरीका और तालिबान के बीच शांति वार्ता चल रही है. अमरीका तालिबान को हिंसा छोड़कर अफ़ग़ानिस्तान की राजनीतिक प्रक्रिया में भाग लेने के लिए राज़ी करना चाहता है.

गवर्नरों की बैठक

अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल के पश्चिमी हिस्से में एक पहाड़ी पर मौजूद होटल इंटर कॉन्टिनेंटल एक पाँच सितारा होटल है और ये पश्चिमी देश के नागरिकों के बीच काफ़ी लोकप्रिय है.

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Image caption होटल में मौजूद लोगों का कहना है कि हमले के वक़्त रेस्तराँ में ख़ासी भीड़ थी

हमला मंगलवार देर शाम शुरू हुआ जब तीन आत्मघाती हमलावरों ने वहाँ घुसकर ख़ुद को बम से उड़ा लिया था.

इसके बाद हमलावरों और सुरक्षाबलों के बीच जमकर गोलीबारी होती रही.

हमलावरों के कुछ साथी होटल की छत पर पहुँच गए थे जहाँ से एके-47 और ग्रेनेड की मदद से उन्होंने बुधवार तड़के तक हमला जारी रखा.

गठबंधन सेना ने कहा है कि उसने उन तीनों बंदूक़धारियों को मार गिराया है जो होटल की छत से सुरक्षा बलों पर फ़ायरिंग कर रहे थे.

मंगलवार को होटल में प्रांतीय गवर्नरों की एक बैठक हो रही थी हालांकि एक अधिकारी ने कहा है कि अभी ये साफ़ नहीं है कि हमलावर इस बैठक को निशाना बनाना चाहते थे.

होटल में उसी समय एक विवाह का भी आयोजन जारी था.

एक मेहमान ने बीबीसी संवाददाता बिलाल सरवरी को बताया कि ये उनकी जिंदगी की सबसे भयानक घड़ी थी.

पाँच घंटों तक सुरक्षा बलों और बंदूक़धारियों के बीच जारी रही लड़ाई अंधेरे में चली क्योंकि होटल की बिजली सप्लाई काट दी गई थी.

प्रशासन का कहना है कि ऐसा जानबूझकर किया गया था. सुरक्षाबल कार्रवाई के लिए रात में देख सकने वाले उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे थे.

अफ़रा-तफ़री

होटल में मौजूद एक व्यक्ति ने समाचार एजेंसी एपी को बताया कि हमला उस समय शुरु हुआ जब बहुत से लोग रेस्तराँ में रात का भोजन ले रहे थे.

उनका कहना है कि बंदूकधारियों की गोलियों से बचने के लिए उन्होंने पहली मंज़िल की खिड़की से नीचे छलांग लगा दी.

जाविद नाम के इस व्यक्ति ने कहा, "वहाँ गोलियाँ चल रही थीं. रेस्तराँ लोगों से भरा हुआ था. मैं अपने परिवार के साथ भाग रहा था."

होटल में ठहरे एक और व्यक्ति ने बीबीसी को बताया कि वहाँ अफ़रा-तफ़री का माहौल था और सबसे कहा गया था कि वे अपना कमरा बंद करके भीतर ही रहें.

एक अफ़ग़ान ख़ुफ़िया अधिकारी ने कहा कि कई प्रांतीय गवर्नर और तख़ार के प्रांतीय परिषद के प्रमुख वहाँ मौजूद थे.

उन्होंने बताया, "जब हमले शुरु हुए और तीन हमलावरों ने ख़ुद को विस्फोटकों से उड़ा लिया उस समय ज़्यादातर वीआईपी एक कार पार्क में थे."

उनका कहना है, "गवर्नरों के सुरक्षा गार्ड्स ने हमलावरों पर गोलीबारी की. हमलावरों के पास हथगोले थे, रॉकेटलॉन्चर थे और एके-47 बंदूकें थीं."

बाद में तीन हमलावर छत तक पहुँचने में क़ामयाब हो गए और इसके बाद कई घंटों तक लगातार गोलीबारी होती रही.

गठबंधन सेना आईसैफ़ के प्रवक्ता मेजर टिम जेम्स का कहना है, "अंतरराष्ट्रीय गठबंधन सेना के दो हैलिकॉप्टरों ने छत पर तीन लोगों को मार गिराया है."

जब हमला शुरु हुआ तो कुछ गोलियाँ अफ़ग़ानिस्तान के पहले उप राष्ट्रपति मार्शल मोहम्मद क़ासिम के घर के पास भी आईं थीं. बाद में उन्हें वहाँ से हटा लिया गया.

बताया गया है कि गोलीबारी के बीच होटल के पाँचवीं और छठवीं मंज़िल में आग लग गई.

काबुल के पुलिस प्रमुख जनरल मोहम्मद अय्यूब सलांगी ने बीबीसी को बताया कि सुरक्षाबलों ने होटल की तलाशी ले ली है और होटल में ठहरे सभी लोग सुरक्षित हैं.

उन्होंने बताया, "हमारे जवानों ने एक आत्मघाती हमलावर को मार गिराया है और अब उसके शरीर से बंधे विस्फोटक को निष्क्रिय करने के प्रयास हो रहे हैं."

वैसे तो पिछले कुछ समय से काबुल अपेक्षाकृत शांत ही रहा है लेकिन पहली और दूसरी मई की दरम्यानी रात अल-क़ायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद से अफ़ग़ानिस्तान के विभिन्न हिस्सों में हिंसा की घटना में बढ़ोत्तरी हुई है.

इससे पहले वर्ष 2008 में चरमपंथियों ने काबुल के सबसे लोकप्रिय होटल सेरेना पर हमला किया था जिसमें आठ लोग मारे गए थे. मारे गए लोगों में एक अमरीकी, एक नॉर्वे का नागरिक और एक फ़िलीपीन्स का नागरिक था.

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