तालिबान का हमला: 78 की मौत

अफ़ग़ानिस्तान में लड़ाई
Image caption हमला पुलिस नाके पर बताया गया है

अफ़ग़ानिस्तान के पूर्वी इलाक़े में अधिकारियों ने कहा है कि तालिबान के एक हमले के बाद शुरू हुई लड़ाई में कम से कम 78 लोग मारे गए हैं.

नूरिस्तान प्रांत के गवर्नर जमालुद्दीन बदर ने बीबीसी को बताया कि चरमपंथी पाकिस्तान से सीमा पार करके अफ़ग़ानिस्तान में एक पुलिस चौकी पर हमला करने आए थे. उनके हमले में सीमा पुलिस के कम से कम 33 जवान मारे गए हैं.

अधिकारियों ने कहा है कि दो दिन तक चली इस लड़ाई में पाँच आम लोग भी मारे गए हैं जिनमें दो महिलाएँ हैं. गवर्नर बदर ने कहा कि अनेक पुलिसकर्मी लापता थे और हताहतों की संख्या बढ़ने का अंदेशा है.

गवर्नर ने कहा कि पाकिस्तान के चितराल इलाक़े से लगभग 150 हथियारबंद चरमपंथियों ने हमला किया था और इस लड़ाई में चालीस चरमपंथी भी मारे गए हैं.

नूरिस्तान प्रांत के गुप्तचर अधिकारियों ने कहा है कि चरमपंथियों ने सीमा पुलिस के नाके पर भारी मशीन गनों से हमला किया और रॉकेट से गोले भी दागे. ये इलाक़े कमदेश ज़िले में है.

काबुल में बीबीसी संवाददाता बिलाल सरवरी का कहना है कि हाल के महीनों में उस इलाक़े में भारी संख्या में तालिबान और अल क़ायदा लड़ाके देखे गए हैं. उस इलाक़े से अमरीकी सैनिक वर्ष 2011 के आरंभ में हट गए थे.

नूरिस्तान में दो वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों ने बीबीसी को बताया कि लड़ाई तब शुरू हुई जब पाकिस्तानी और चेचन विद्रोही पुलिस नाकों पर हमला करने के लिए पाकिस्तान से अफ़ग़ान सीमा में घुस आए.

नैटो ने कहा है कि जब मंगलवार रात को पुलिस सीमा चौकियों पर हमला किया गया तो अफ़ग़ान सुरक्षा बलों को हवाई सहायता मुहैया कराई गई.

नैटो के कैप्टन जस्टिन ब्रॉकहॉफ़ ने बीबीसी से कहा, "हमारे हेलीकॉप्टरों पर सवार सैनिकों ने चरमपंथियों के साथ लड़ाई की लेकिन ये अफ़ग़ान सुरक्षा बलों के नेतृत्व वाला अभियान था, हम तो सिर्फ़ उनकी सहायता के लिए मौजूद थे."

लेकिन ने नैटो और अफ़ग़ान अधिकारियों के इन दावों को ग़लत बताया है.

तालिबान के एक प्रवक्ता ने मारे गए लोगों की संख्या पर आपत्ति जताई है और इन दावों को भी ग़लत बताया है कि लड़ाके पाकिस्तान से आए थे. प्रवक्ता का कहना था कि ये हमला अफ़ग़ानिस्तान स्थित तालिबान ने ही किया था.

पड़ोसियों में तनाव

इस तरह के हमलों से एक बार फिर पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान में तनाव बढ़ता नज़र आ रहा है.

दोनों देशों की सरकारें एक दूसरे पर आरोप लगाती हैं कि वो चरमंपथियों पर क़ाबू पाने में नाकाम रही हैं. अफ़ग़ानिस्तान का ये भी आरोप है कि पाकिस्तान ने उसकी सीमा में अनेक रॉकेट हमले किए हैं.

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Image caption पिछले दिनों तालिबान ने एक बड़े होटल पर हमला किया था

इससे पहले बुधवार सुबह पाकिस्तान के पश्चिमोत्तर इलाक़े में पुलिस कहा था कि लगभग 200 चरमपंथियों का एक दल अफ़ग़ानिस्तान से पाकिस्तानी सीमा में घुस आया था और उसने ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह प्रांत में अपर डीर इलाक़े में गाँवों पर हमला किया. ये भी कहा गया कि इन चरमपंथियों ने एक स्कूल को आग लगा दी और ग्रामीणों के साथ लड़ाई भी की.

संवाददाताओं का कहना है कि किसी भी सरकार के दावे की प्रामाणिकता संभव नहीं है लेकिन इसमें कोई शक नहीं है कि चरमपंथियों ने अफ़ग़ानिस्तान के नूरिस्तान प्रांत में हाल के महीनों में अपना दबदबा बढ़ाया है और प्रांत की राजधानी को जाने वाली मुख्य सड़क पर भी चरमपंथियों का ही नियंत्रण बताया जाता है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि नूरिस्तान प्रांत पर्वतीय इलाक़ा है और वहाँ संचार के साधन भी बहुत ख़राब हैं. आमतौर पर नूरिस्तान प्रांत तालिबान का गढ़ नहीं रहा है लेकिन वहाँ अतिवाद और चरमपंथी गतिविधियाँ होती रही हैं.

नैटो के कमान छोड़ने वाले कमांडर जनरल डेविड पैत्रियस ने मंगलवार को कहा था कि लड़ाई के केंद्र अब तालिबान के गढ़ समझे जाने वाले इलाक़ों से हटकर पाकिस्तान से मिलने वाले पूर्वी सीमावर्ती इलाकों की तरफ़ हो रहे हैं.

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