फूट-फूटकर रो पड़े करज़ई

  • 13 जुलाई 2011
इमेज कॉपीरइट BBC World Service

अफ़गानिस्तान में राष्ट्रपति हामिद करज़ई के भाई अहमद वली करज़ई के जनाज़े में हज़ारों लोगों ने भाग लिया है.

अहमद वली करज़ई को बुधवार को कंदहार स्थित उनके पैतृक गांव में दफ़नाया गया और उसी दिन वहां दो अलग अलग धमाके भी हुए हैं.

माना जा रहा है कि पड़ोस के हेलमंद प्रांत के गवर्नर गुलाब मंगल इस जनाज़े में शामिल होने के लिए सड़क के रास्ते आ रहे थे और उन्हें निशाना बनाने के लिए ये बम विस्फोट किया गया.

लेकिन गुलाब मंगल को किसी तरह की चोट नहीं आई.

जब अहमद वली करज़ई को दफ़नाया जा रहा था तो राष्ट्रपति करज़ई फूट-फूटकर रो रहे थे और कब्र में उतरकर उन्होंने अपने भाई के कपाल को चूमा.

इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption राष्ट्रपति करज़ई फूट-फूटकर रो पड़े.

अहमद वली करज़ई को मंगलवार के दिन उनके अपने ही सुरक्षा प्रमुख ने गोली मार दी जिसमें उनकी मौत हो गई.

उन्हें दक्षिण अफ़गानिस्तान के सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों में से एक माना जाता था.

जनाज़े के लिए सुरक्षा व्यवस्था काफ़ी सख़्त थी. हेलीकॉप्टर हवा में मंडरा रहे थे और सैंकड़ों सैनिकों ने चारों ओर से घेराबंदी कर रखी थी.

काबुल पहुंचे बीबीसी संवाददाता संजय मजुमदार का कहना है कि हेलमंद के गवर्नर गुलाब मंगल के काफ़िले पर हुए हमले में चार पुलिसवाले ज़ख्मी हुए हैं.

अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बलों ने अहमद वली करज़ई के पैतृक गांव से दो और बम बरामद किए और उन्हें निष्क्रिय कर दिया.

अहमद वली करज़ई को दफ़नाये जाने के बाद अब सुई तहकीकात की ओर घूमेगी कि किस तरह से इतने प्रभावशाली नेता की उनके अपने ही भरोसेमंद अंगरक्षक ने हत्या कर दी.

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार