सार्क सम्मेलन में 'पाक पर चिदंबरम का कटाक्ष'

सार्क (फ़ाइल)

भारतीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने शनिवार को थिंपू में अपने पाकिस्तानी समकक्ष रहमान मलिक से मुलाक़ात की.

मुलाक़ात से कुछ देर पहले ही भूटान की राजधानी में चल रही दक्षिण एशियाई सहयोग संगठन यानि सार्क सम्मेलन के मौक़ पर बोलते हुए पी चिदंबरम ने आतंकवाद को मानव समाज के "अस्तित्व के लिए सबसे बड़ा ख़तरा" बताया था.

भारतीय गृह मंत्री ने सार्क देशों के गृह मंत्रियों की चौथी बैठक को संबोधित करते हुए अपने भाषण में कहा कि कोई भी देश अपनी ज़िम्मेदारियों से ये कहकर नहीं बच सकता कि उसकी सीमा से जो आतंकवादी गतिविधियां चल रही हैं उसमें ग़ैर सरकारी तत्वों का हाथ है.

पी चिदंबरम ने कहा कि जबतक उसकी ज़मीन का इस्तेमाल आतंकवादी हमलों की तैयारी के लिए किया जाता है, ये उस देश की विश्व और अपने पड़ोसियों के प्रति का़नूनी और नैतिक ज़िम्मेदारी है कि वो ऐसे लोगों को न्याय व्यवस्था के सामने लाए.

भारतीय मीडिया ने पी चिदंबरम के इस भाषण को पाकिस्तान पर किया गया कटाक्ष बताया है.

ज़िम्मेदार

भारत साल 2008 के मुंबई हमलों के लिए पाकिस्तान को ज़िम्मेदार बताता रहा है जबकि पाकिस्तान का कहना है कि उसमें हुकुमत या उससे जुड़े लोगों का किसी भी तरह कोई हाथ नहीं था.

मुंबई हमलों के बाद से दोनों देशों के बीच जो समग्र वार्ता कई सालों से जारी थी वो थम गई थी. दोनों ने इसी साल के फ़रवरी में बातचीत को फिर से शुरू करने की घोषणा की थी.

Image caption दोनों नेता पिछले साल एक क्षेत्रीय सम्मेलन के दौरान इस्लामाबाद में मिले थे.

दोनों देशों के विदेश मंत्री अगले हफ़्ते दिल्ली में मिल रहे हैं.

इससे पहले भारत और पाकिस्तान के गृह मंत्री पाकिस्तान के इस्लामाबाद में एक क्षेत्रीय सम्मेलन के दौरान पिछले साल मिले थे.

पी चिदंबरम से मिलने के बाद पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने कहा कि मुलाक़ात "बहुत बेहतर" रही और दोस्ताना माहौल में हुई.

रहमान मलिक ने पहले पी चिदंबरम को अपना बड़ा भाई बुलाया था.

भारतीय पक्ष की ओर से इस भेंट पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

यहां ये उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को दोनों नेताओं ने एक ही जहाज़ में सफ़र किया था.

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