'अप्रत्यक्ष सहयोगियों के ज़रिए हिंसा न फैलाए पाक'

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अमरीका में शीर्ष सैन्य अधिकारी एडमिरल माइक मलन ने कहा है कि पाक-अफ़ग़ान सीमा पर हिंसा फैलाने के लिए पाकिस्तान अप्रत्यक्ष सहयोगियों का इस्तेमाल करना बंद करे.

अफ़ग़ानिस्तान में बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि ओसामा बिन लादेन की मौत के बावजूद अफ़ग़ानिस्तान-पाकिस्तान सीमा सबसे ख़तरनाक इलाक़ों में से है और आंतकवाद की धुरी है.

अमरीका के ज्वाइंट चीफ़्स ऑफ़ स्टाफ़ के चेयरमैन का कहना था कि पाकिस्तान हक़्क़ानी नेटवर्क जैसे अल क़ायदा के सहयोगियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करे.

उन्होंने माना है कि ओसामा बिन लादेन को लेकर अमरीका ने पाकिस्तान में जो गुप्त कार्रवाई की थी उसके बाद से अब तक दोनों देशों के रिश्ते तनावपूर्ण हैं.

एडमिरल माइक मलन दक्षिणी और पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी अड्डों का दौरा कर रहे हैं. माना जा रहा है कि सितंबर में सेवानिवृत्त होने से पहले ये उनका अफ़ग़ानिस्तान का अंतिम दौरा हो सकता है.

'अस्थिरता से चिंता'

उन्होंने कहा है, “मेरी सबसे बड़ी चिंता पाकिस्तान के उन कबाइली इलाक़े में जारी अस्थिरता है जो अफ़ग़ान सीमा से सटे हुए हैं. ये आतंकवाद की धुरी है जहाँ ओसामा बिन लादेन के कई सहयोगी गुट साज़िश रच रहे हैं.”

एडमिरल मलन ने ये तो कहा कि हालांकि कई गुटों के ख़िलाफ़ कार्रवाई के दौरान पाकिस्तानी सैनिक भी मारे जा चुके हैं. पर साथ ही उनका कहना था कि अगर पाकिस्तान हक्क़ानी नेटवर्क जैसे गुटों के ख़िलाफ़ क़दम नहीं उठाता है तो अमरीका-पाक रिश्ते प्रभावित हो सकते हैं.

उन्होंने कहा कि तनावपूर्ण रिश्तों का मतलब ये नहीं है कि संबंध तोड़ दिया जाए.शीर्ष अमरीकी सैन्य अधिकारी का कहना था कि पाकिस्तान ये स्पष्ट कर चुका है कि इलाक़े में उसकी अपनी रणनीतिक नीति है जिसे वे समझते हैं लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि हिंसा भड़काने के लिए अप्रत्यक्ष सहयोगियों को इस्तेमाल करने की नीति पाकिस्तान को बदलनी होगी.

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