'सबसे लंबे दाँत' वाले हाथी की मौत

हाथी
Image caption एशियाई हाथियों के दाँत ज़्यादा लंबे नहीं होते हैं

श्रीलंका में मिल्लनगोडा राजा नाम के 70 वर्षीय हाथी की मौत हो गई है. इस हाथी के मौत की ख़बर चर्चा में इसलिए है क्योंकि माना जाता था कि उसके दाँत एशियाई हाथियों में सबसे लंबे हैं.

अफ़्रीकी हाथियों के मुक़ाबले कई एशियाई हाथी उतने बड़े भी नहीं होते और न ही उनके दाँत निकलते हैं.

मगर मिल्लनगोडा राजा के साथ ऐसा नहीं था. उसके दाँत इतने बड़े थे कि ज़मीन को छूते थे और श्रीलंका में ये माना जाता था कि उसके दाँत एशियाई हाथियों में सबसे बड़े हैं.

पश्चिमोत्तर श्रीलंका में 1945 में अप्पूहामी मिल्लनगोडा और उसके दोस्तों ने कुछ हाथी पकड़े थे, ये हाथी उन्हीं में से एक था.

केगॉल नगर से बीबीसी से बात करते हुए मिल्लनगोडा ने बताया कि कैसे ये हाथी जब पकड़ा गया था तो काफ़ी छोटा था और कुछ ही हफ़्तों के भीतर उसे पालतू बना लिया गया था.उसके बाद ही उस हाथी के दाँत निकलने शुरू हुए थे.

फिर कैंडी शहर में जब एक बड़ा जुलूस निकलता था तो उसमें शामिल होने वाले हाथियों में मिल्लनगोडा राजा की विशेष भूमिका होती थी. उस जुलूस में एक अवशेष को बाहर निकाला जाता था जिसके बारे में मान्यता है कि वह गौतम बुद्ध के दाँत के अवशेष हैं.

वह हाथी उस जुलूस में 40 वर्षों तक शामिल होता रहा. पिछले लगभग डेढ़ साल में मिल्लनगोडा राजा की सेहत काफ़ी बिगड़ गई थी और फिर 70 साल की उम्र में उसकी मौत हो गई.

बौद्ध भिक्षुओं के एक दल ने उसके अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया.

उस हाथी के मालिक का कहना था कि इस हाथी की मौत किसी परिजन के न रहने जैसी है. मालिक का तो ये भी कहना था कि उस हाथी के साथ के चार हाथी कुछ अजीब ढंग से बर्ताव कर रहे हैं और शोकाकुल भी दिख रहे हैं.

अब उस हाथी को अजायबघर में लोगों के देखने के लिए रखने की योजना है.

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