नौ सांसदों की सीट छिनी

करज़ई-चुनाव आयोग
Image caption चुनाव आयोग के फ़ैसले को समझौता बताया जा रहा है.

अफ़ग़ानिस्तान में चुनाव आयोग ने चुनावी गड़बड़ी और धोखाधड़ी के आरोप के चलते नौ संसद सदस्यों की सदस्यता ख़त्म कर दी है. आयोग ने ये फैसला 11 महीनों की छानबीन के बाद लिया है.

नौ दूसरे राजनीतिज्ञों की सदस्यता वापस दे दी गई है. पिछले सितंबर में हुए संसदीय चुनाव के बाद से देश में राजनीतिक कोलाहल का माहौल है.

राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने शुरू में पूरे मामले में जिस तरह से हस्तक्षेप किया उससे राजनीतिक बग़ावत की स्थिति पैदा हो गई थी.

फिर उन्होंने चुनाव आयोग से इस मामले की देख-रेख करने को कहा. इसके बाद मामले की जांच कर रहे विशेष ट्रिब्यूनल को भंग कर दिया गया था.

विश्लेषकों का कहना है कि चुनाव आयोग का आदेश एक समझौता है और राष्ट्रपति करज़ई के सहयोगियों पर इसका असर नहीं हुआ है.

गज़नी, कंधार, काबुल और बल्ख़ में आयोग के फैसले का कोई असर नहीं है जबकि वहां से गड़बड़ी की सबसे ज़्यादा ख़बरें थीं.

बीबीसी के काबुल संवाददाता बिलाल सरवरी का कहना है कि आयोग जिन 62 लोगों के ख़िलाफ़ चुनावी गड़बड़ियों की जांच कर रहा था उनमें से अधिकांश करज़ई के क़रीबी हैं और जिन नौ लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई हुई है उन्होंने राजनीतिक तौर पर कमज़ोर माना जाता है.

संबंधित समाचार