श्रीलंका में आपातकाल हटाने की घोषणा

  • 25 अगस्त 2011
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Image caption महिंदा राजपक्षे ने संसद में आपातकाल हटाने की घोषणा की है

श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने देश में तीन दशक पहले जारी आपातकाल को ख़त्म करने की घोषणा की है.

आपाताकाल उस समय लगाया गया था जब सरकार की सेनाएँ तमिल विद्रोहियों से संघर्ष कर रही थीं.

इस सख़्त क़ानून को हटाने की घोषणा करते हुए राष्ट्रपति राजपक्षे ने कहा, "रोजमर्रा की गतिविधियों को लोकतांत्रिक ढंग से चलाने के लिए अब हमें आपातकालीन क़ानूनों की ज़रुरत नहीं है."

उल्लेखनीय है कि मई, 2009 में तीन दशकों से तमिल विद्रोहियों के साथ चल रहा संघर्ष उत्तरी श्रीलंका में तमिल विद्रोहियों के सफ़ाए और एलटीटीई के नेता वी प्रभाकरण की मौत के साथ ख़त्म हो गया था.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार राष्ट्रपति राजपक्षे ने संसद में इसकी घोषणा करते हुए कहा, "मई, 2009 में युद्ध ख़त्म होने के बाद से देश में आतंकवादी गतिविधियाँ ख़त्म हो गई हैं."

उनका कहना था, "मैं आश्वस्त हूँ कि आपातकाल को आगे बढ़ाए जाने की अब ज़रुरत नहीं है और इसलिए मैं यह सूचना दे रहा हूँ कि हम आपातकाल को आगे नहीं बढ़ा रहे हैं."

राष्ट्रपति की इस घोषणा के बाद जल्द ही श्रीलंका से आपातकाल हटा लिया जाएगा.

कोई 28 साल पहले लगाए गए आपातकाल को सरकार समय-समय पर बढ़ाती आई थी.

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