बाबूराम भट्टाराई बने नए प्रधानमंत्री

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लंबे समय से चल रहे राजनीतिक असमंजस के बाद नेपाल में आखिरकार नए प्रधानमंत्री का चुनाव हो गया है.

नेपाली संसद में हुए मतदान के बाद माओवादी पार्टी के उम्मीदवार बाबूराम भट्टाराई को देश के नए प्रधानमंत्री के रुप में चुना गया है.

संसद में मतदान के बाद भट्टाराई को 600 में से 340 मत मिले जबकि उनके प्रतिद्वंदी नेपाली कांग्रेस पार्टी के राम चंद्र पौडल को 253 वोट मिले.

57 वर्षीय बाबूराम भट्टाराई पिछले चार साल में नेपाल के चौथे प्रधानमंत्री हैं.

चार साल चार प्रधानमंत्री

नेपाल स्थित बीबीसी संवाददाता सुरेंद्र फुयाल के मुताबिक दो हफ्ते पहले नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री झलनाथ खनाल के इस्तीफ़े के बाद सर्वसहमति से सरकार का गठन किया जाना था.

हालांकि किसी एक उम्मीदवार पर सर्वसहमति न होने के कारण भट्टाराई और नेपाली कांग्रेस पार्टी के राम चंद्र पौडल भी प्रधानमंत्री पद की रेस में शामिल हो गए थे.

भट्टाराई की जीत दक्षिणी नेपाल की कुछ छोटी पार्टियों के समर्थन के बाद संभव हुई है. इन पार्टियों के साथ माओवादी पार्टी का गठजोड़ दिन के शुरुआत में ही हुई थी.

संसद में अपने हक में मतदान किए जाने की अपील करते हुए भट्टाराई ने कहा कि चुने जाने के बाद वो शांति-प्रक्रिया और संविधान के निर्माण के काम को आगे बढ़ाएंगे.

भट्टाराई के चुनाव के बाद नई सरकार को लेकर बनी असमंजस की स्थिति खत्म हो गई है, लेकिन चुनौतियां अब भी बरक़रार हैं.

राजनीतिक संकट

पूर्व प्रधानमंत्री झलनाथ खनाल ने कहा था कि अगर वो नेपाल में शांति प्रक्रिया को पूरा करने में सफल नहीं रहे तो वे पद छोड़ देंगे.

इसमें 19000 पूर्व माओवादी विद्रोहियों को समाज की मुख्यधारा में शामिल करना शामिल है. मई 2008 के बाद से वे नेपाल के तीसरे प्रधानमंत्री थे.

इस साल मई में राजनीतिक पार्टियाँ इस बात पर सहमत हुई थीं कि संविधान सभा का कार्यकाल तीन महीने और बढ़ा दिया जाए.

पार्टियों ने कहा था कि इस दौरान वे संविधान का मसौदा तैयार कर लेंगी और शांति प्रक्रिया का काम भी पूरा कर लेंगी.

संविधान का मसौदा तैयार करने की समयसीमा 31 अगस्त को ख़त्म हो रही है लेकिन पार्टियाँ किसी सहमति पर नहीं पहुँची सकीं.

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