न्यूयॉर्क से काबुल लौट रहे हैं करज़ई

  • 21 सितंबर 2011
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Image caption बुरहानुद्दीन रब्बानी की हत्या से तालिबान से बातचीत की एक अहम कड़ी टूट गई है

अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र की अपनी यात्रा में कटौती करके काबुल लौट रहे हैं.

तालिबान के साथ चल रही शांतिवार्ता में उनके मुख्य दूत की भूमिका निभा रहे पूर्व राष्ट्रपति बुरहानुद्दीन रब्बानी की हत्या के बाद उन्हें आपात स्थिति में लौटना पड़ रहा है.

उल्लेखनीय है कि एक तालिबान प्रतिनिधि ने मंगलवार को पूर्व राष्ट्रपति रब्बानी की विस्फोट करके हत्या कर दी. पुलिस का कहना है कि वह व्यक्ति अपनी पगड़ी में बम छिपाकर लाया था.

राष्ट्रपति हामिद करज़ई के एक वरिष्ठ सलाहकार भी इस हमले में गंभीर रूप से घायल हुए हैं.

आपात बैठक

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में भाग लेने पहुँचे हामिद करज़ई को बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक को संबोधित करना था.

ख़बरें हैं कि हामिद करज़ई की वापसी के बाद बुधवार को दोपहर बाद मंत्रिमंडल की एक आपात बैठक होगी.

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Image caption तालिबान को राजनीति की मुख्यधारा में लाने के लिए अमरीका की सहमति से सरकार प्रयास कर रही है

इसमें बुरहानुद्दीन रब्बानी की हत्या के बाद उपजी परिस्थितियों पर विचार किया जाएगा.

इससे पहले अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और हामिद करज़ई दोनों ही इस हत्या की निंदा कर चुके हैं और इसे एक दुखद नुक़सान बताया है.

हामिद करज़ई ने बराक ओबामा से चर्चा की और इसके बाद दोनों ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति रब्बानी की हत्या से वे अपना रास्ता नहीं बदलेंगे.

बराक ओबामा ने अफ़ग़ानिस्तान के पुनर्निर्माण में रब्बानी की भूमिका की तारीफ़ की.

वहीं हामिद करज़ई ने कहा कि रब्बानी तालिबान से शांति वार्ता की अगुवाई कर रहे थे और अब यह मुश्किल है कि उनका स्थान और कोई ले सकेगा.

ख़बरें हैं कि दोनों नेताओं ने अफ़ग़ानिस्तान से अमरीकी फ़ौजों की वापसी के बाद सुरक्षा व्यवस्था की स्थितियों पर विस्तार से चर्चा की है.

धमाके में रब्बानी की मौत

अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल के राजनयिक ज़ोन में मंगलवार की शाम को हुए एक धमाके में पूर्व राष्ट्रपति बुरहानुद्दीन रब्बानी की मौत हो गई है.

अधिकारियों ने बीबीसी को बताया कि जब उनके घर में धमाका हुआ तो वे तालिबान के दो सदस्यों से मिल रहे थे.

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Image caption रब्बानी अफ़ग़ान शांति परिषद के प्रमुख थे और वे तालिबान से बातचीत में अहम भूमिका निभा रहे थे

बताया गया है कि तालिबान के प्रतिनिधि के रूप में आए व्यक्ति ने अपनी पगड़ी में बम छिपा रखा था.

रब्बानी का घर अमरीकी दूतावास के नज़दीक था. वे अफ़ग़ान शांति परिषद के प्रमुख थे.

शांति परिषद अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के साथ बातचीत की कोशिशों की अगुआई कर रहा है.

जब इस परिषद का गठन हुआ था तो हामिद करज़ई ने कहा था कि ये अफ़ग़ान लोगों के लिए उम्मीद की सबसे बड़ी किरण है.करज़ई ने तालिबान से भी अपील की थी कि वे इस मौके को न गवाँए.

पिछले कुछ महीनों में अफ़ग़ानिस्तान में कई बड़ी हस्तियों की हत्या की जा चुकी है. इस साल जुलाई में अफ़ग़ान राष्ट्रपति हामिद करज़ई के एक वरिष्ठ सलाहकार जान मोहम्मद ख़ान की काबुल में गोली मार कर हत्या कर दी गई थी.

जुलाई में ही हामिद करज़ई के सौतेले भाई अहमद वली करज़ई को उनके अपने ही सुरक्षा प्रमुख ने गोली मार दी थी जिसमें उनकी मौत हो गई थी.

बुरहानुद्दीन रब्बानी ने हाल ही में ईरान में एक धार्मिक सम्मेलन में हिस्सा लिया था.

उन्होंने मुसलमान विद्धानों से कहा था कि वे आत्मघाती हमलों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाएँ.

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