जमाते इस्लामी के नेता के विरुद्ध आरोप तय

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Image caption दिलावर हुसैन सईदी बांग्लादेश की प्रमुख जमाते इस्लामी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं

बांग्लादेश में 1971 के स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान हुए कथित अत्याचारों की जाँच कर रहे एक विशेष ट्राइब्यूनल ने पहली बार प्रमुख अभियुक्त दिलावर हुसैन सईदी के विरुद्ध आरोप तय किए हैं.

दिलावर देश की सबसे बड़ी इस्लामी पार्टी जमाते इस्लामी के वरिष्ठ नेता हैं और उन्हें बड़े पैमाने पर लोगों की हत्या और अत्याचार के मामले में शामिल होने के आरोप में पिछले साल गिरफ़्तार किया गया था.

वह इन सभी आरोपों से इनकार करते रहे हैं.

ट्राइब्यूनल ने जमात नेता की रिहाई की याचिका ख़ारिज करते हुए ये आदेश पारित किया. उन्हें सुबह साढ़े दस बजे स्थानीय समयानुसार ट्राइब्यूनल के सामने पेश किया गया.

इससे पहले 27 सितंबर को तीन सदस्यों के एक ट्राइब्यूनल ने अभियोग पक्ष की दलीलें सुनने के बाद ये दिन तय किया था.

अभियोग पक्ष की ओर से सैयद हैदर अली ने ट्राइब्यूनल को बताया कि उन्होंने सईदी के विरुद्ध ढेर सारे सबूतों के साथ औपचारिक आरोप दर्ज कर दिए हैं.

'ऐतिहासिक दिन'

इंटरनेशनल क्राइम्स ट्राइब्यूनल के रजिस्ट्रार मोहम्मद शाहीनुर इस्लाम ने बीबीसी को बताया, "अदालत ने 20 मामलों में आरोप तय किए हैं जिनमें सईदी के विरुद्ध मानवता के विरुद्ध अपराध से लेकर जनसंहार तक के आरोप हैं. उन्होंने इन आरोप से इनकार किया है और कहा है कि ग़लत आरोप लगाए गए हैं."

उन्होंने कहा, "आरोप तय होने के साथ ही अब मुक़दमा शुरू हो गया है. बतौर नागरिक मुझे लगता है कि ये बांग्लादेश के लिए ऐतिहासिक दिन है."

वैसे सईदी ने 40 साल पहले किस दिन कौन सा अपराध किया था इसे लेकर अनिश्चितता की स्थिति रहेगी मगर माना जा रहा है कि जब प्रत्यक्षदर्शी इस मामले में गवाही देना शुरू करेंगे तो स्थिति स्पष्ट हो जाएगी.

उधर दूसरी ओर सईदी के वकील ताजुल इस्लाम ने अदालत को बताया कि अभियोग पक्ष ने जो औपचारिक आरोप तय किए हैं वे बेबुनियाद हैं क्योंकि वे किसी भी अपराध में सईदी के शामिल होने की बात साबित नहीं कर सके.

मामले की अगली सुनवाई 30 अक्तूबर के लिए तय की गई है जब अभियोक्ता इस बारे में बयान देंगे.

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