'कट्टरपंथ को नीति की तरह इस्तेमाल करने से आम लोगों को नुकसान'

  • 4 अक्तूबर 2011
इमेज कॉपीरइट AP
Image caption करज़ई और मनमोहन सिंह ने पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए

भारत की यात्रा पर आए अफ़गानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने कहा है कि कुछ देश कट्टरपंथ को एक नीति की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं जिससे आम नागरिकों को नुकसान हो रहा है.

भारत और अफ़गानिस्तान के बीच सामरिक समझौते पर हस्ताक्षर के बाद बयान देते हुए करज़ई ने किसी देश का नाम नहीं लिया लेकिन माना जाता है कि उनका इशारा पाकिस्तान की तरफ था.

करज़ई का कहना था, ‘‘ अफ़गानिस्तान के लोग शांति से रहना चाहते हैं. लेकिन कुछ देश ऐसे हैं जो कट्टरपंथ को नीति की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं जिससे आम लोगों को बहुत नुकसान हो रहा है.’’

दोनों देशों के बीच सामरिक सहयोग का एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है जबकि हाइड्रोकार्बन और खनन से जुड़े दो और समझौते भी हुए हैं.

इस अवसर पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का कहना था कि भारत अफ़गानिस्तान का समर्थन करता है और चरमपंथ से जूझते देश के साथ हमेशा खड़ा है.

उनका कहना था, ‘‘ अफ़गानिस्तान ने बहुत कुछ सहा है. अब वहां के लोगों को शांति से रहना है. हम दोनों ही देशों को इस इलाक़े में आतंकवाद का मुकाबला करना है. अफ़गानिस्तान के लोग अपने मुकद्दर का खुद फ़ैसला करें बिना किसी बाहरी प्रभाव के.’’

उनका कहना था कि भारत और अफ़गानिस्तान के बीच सदियों से संबंध रहे हैं और सामरिक सहयोग समझौते के तहत कई स्तर पर सहयोग होगा.

प्रधानमंत्री के अनुसार दोनों देशों के बीच सामरिक ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक, सामाजिक, व्यापार और लोगों के बीच सहयोग भी बढ़ाया जाएगा.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और करज़ई ने संवाददाताओं के सवालों के जवाब नहीं दिए. हालांकि इस अवसर पर बड़ी संख्या में पत्रकार भी मौजूद थे.

संबंधित समाचार